मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग और अनियमित पीरियड्स को न करें नजरअंदाज

0
35

जानें लक्षण और बचाव के उपाय

​कैंसर संस्थान की कार्यशाला में विशेषज्ञों ने दी चेतावनी; कहा- शुरुआती पहचान से ही संभव है बेहतर इलाज

​लखनऊ। महिलाओं में तेजी से बढ़ते गर्भाशय (यूटेराइन) कैंसर से बचाव के लिए समय पर बीमारी की पहचान और इलाज बेहद जरूरी है। यदि शुरुआती चरण (अर्ली स्टेज) में ही इस बीमारी का पता चल जाए, तो इलाज के परिणाम काफी बेहतर हो सकते हैं। यह महत्वपूर्ण जानकारी कैंसर संस्थान के गायनी आंकोलॉजी विभाग की डॉ. प्रियंका सिंह ने दी।

​वह मंगलवार को गर्भाशय कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए आयोजित एक विशेष कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।
​क्या है गर्भाशय कैंसर और इसके मुख्य लक्षण?
​डॉ. प्रियंका सिंह ने बताया कि गर्भाशय कैंसर में कोशिकाएं असामान्य और अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले इन बदलावों और संकेतों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

​मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग: पीरियड्स पूरी तरह बंद होने (मेनोपॉज) के बाद दोबारा खून आना।
​अनियमित पीरियड्स: दो माहवारी के बीच में अचानक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होना या लंबे समय तक अनियमित पीरियड्स रहना।
​असामान्य डिस्चार्ज: योनि से असामान्य या दुर्गंधयुक्त स्राव होना।
​दर्द की शिकायत: पेट के निचले हिस्से या कमर में लगातार दर्द बने रहना।

​डॉ. प्रियंका सिंह की सलाह: “इनमें से किसी भी लक्षण को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना सेहत के लिए एक गंभीर खतरा साबित हो सकता है।”
​इन वजहों से बढ़ता है कैंसर का खतरा (रिस्क फैक्टर्स)
​कार्यशाला में विशेषज्ञों ने उन मुख्य कारणों पर भी चर्चा की, जो महिलाओं में यूटेराइन कैंसर के जोखिम को बढ़ा देते हैं:
​मोटापा (वजन का अनियंत्रित होना)
​हार्मोनल असंतुलन (Body में हार्मोन्स का उतार-चढ़ाव)
​बढ़ती उम्र और शारीरिक निष्क्रियता
​अनियमित जीवनशैली (खराब लाइफस्टाइल)
​बचाव के उपाय: स्वस्थ जीवनशैली है सबसे बड़ा हथियार
​मेडिसिन विभाग की डॉ. एस प्रिया ने कहा कि महिलाएं अपनी दैनिक आदतों में थोड़ा बदलाव करके इस जानलेवा बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं। इसके लिए उन्होंने निम्नलिखित उपाय सुझाए:
​संतुलित आहार: डाइट में हरी सब्जियां, फल और पौष्टिक चीजें शामिल करें।

​नियमित व्यायाम: शारीरिक रूप से एक्टिव रहें और डेली वर्कआउट या वॉक करें।
​वजन नियंत्रण: मोटापे को हावी न होने दें।
​कैंसर का इलाज और डॉक्टरों की अंतिम राय
​रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की डॉ. रुमिता सिंह ने इलाज की तकनीकों पर रोशनी डालते हुए बताया कि आज के समय में कैंसर का इलाज एडवांस हो चुका है। मरीज की स्थिति और बीमारी के स्टेज के अनुसार सर्जरी, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी के जरिए मरीजों का सफल इलाज किया जाता है।
​नियमित जांच है जरूरी:
अंत में, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. शरद सिंह ने सभी महिलाओं से अपील की कि वे समय-समय पर अपनी नियमित स्वास्थ्य जांच (Routine Health Checkup) जरूर करवाएं। शरीर में दिखने वाले किसी भी असामान्य लक्षण को छिपाएं नहीं, बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Previous articleKgmu : प्राइवेट प्रैक्टिस मामले में फंसे सीनियर प्रोफेसर, पांच सदस्यीय कमेटी ने की पूछताछ
Next articleलोहिया संस्थान: विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पहली बार की-होल सर्जरी से निकाला दुर्लभ ट्यूमर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here