लखनऊ। वरिष्ठ पत्रकार अजीत कुमार सिंह ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं होती, बल्कि पत्रकार समाज के अधिकारों और कल्याण के लिए निरंतर संघर्ष करना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व है। राज्य एवं जिला स्तरीय मान्यता प्राप्त पत्रकारों को चिकित्सा सुविधा और पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से उन्होंने मुख्यमंत्री को अनुस्मारक पत्र भेजकर वर्षों से लंबित प्रकरण की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।
उनके इस सार्थक प्रयास का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

सूचना विभाग ने आज पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए अवगत कराया है कि जिन पत्रकार बंधुओं ने आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया है, लेकिन किसी कारणवश उनका कार्ड नहीं बन पाया है, वे beneficiary.nha.gov.in पोर्टल पर अपना स्टेटस देख सकते हैं। यदि पोर्टल पर उनका नाम प्रदर्शित होता है, तो आवश्यक संशोधन के लिए अपने संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
इसके साथ ही यह भी जानकारी दी गई है कि जिन पत्रकारों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है अथवा आवेदन करने के बावजूद उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है, उनके लिए शीघ्र ही एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल प्रारंभ किया जाएगा। पोर्टल शुरू होने के बाद पत्रकार अपने जनपद के जिला सूचना अधिकारी के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे, जिसकी विस्तृत सूचना जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।
यह पहल इस बात का प्रमाण है कि यदि पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता, तथ्यों और निरंतर प्रयास के साथ उठाया जाए, तो सकारात्मक परिणाम अवश्य प्राप्त होते हैं। अजीत कुमार सिंह लंबे समय से पत्रकारों के अधिकारों, सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए सक्रिय रूप से आवाज़ उठाते रहे हैं। उनका यह प्रयास पूरे पत्रकार समाज के लिए प्रेरणादायी है और उन्हें पत्रकार हितों के सच्चे प्रहरी के रूप में स्थापित करता है।












