महालया पर संगीतमय महिषासुर मर्दिनी और चंडीपाठ से हुआ शारदीय नवरात्रि का आगाज
लखनऊ। पितृपक्ष की समाप्ति और शारदीय नवरात्रि के पावन आगमन के अवसर पर गोमती पार स्थित रवींद्रपल्ली कालीबाड़ी मंदिर प्रांगण भक्तिमय सुरों से सराबोर हो उठा। इस अलौकिक बेला पर आयोजित पारंपरिक संगीतमय ‘महिषासुर मर्दिनी’ और चंडीपाठ के दौरान कलाकार जब ‘जागो मां जागो’ के आह्वान पर उतरे, तो पूरा परिसर जयकारों और मां दुर्गा की भक्ति में लीन हो गया।
इस वार्षिक और धार्मिक अनुष्ठान का साक्षी बनने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। कालीबाड़ी टेम्पल ट्रस्ट के सचिव उत्तम चटर्जी ने जानकारी देते हुए बताया कि कॉलोनी के सदस्यों और ट्रस्ट द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी पितृपक्ष की समाप्ति पर देवी दुर्गा के स्वागत में यह विशेष संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
मुख्य चंडीपाठ व मंच संचालन
कार्यक्रम में मुख्य ग्रंथी सुबीर जी ने सुमधुर और विधि-विधान से चंडीपाठ संपन्न कराया, जबकि पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन सुशांतो मुखर्जी द्वारा किया गया।
सुरों से मां का आह्वान: प्रमुख गायक व कलाकार
संगीतमय महिषासुर मर्दिनी में शहर के प्रख्यात कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया:
महिला गायिकाएं: अंकिता गोस्वामी, स्नेहा घोषाल, तुलिका घोष वाजपेयी और अनुश्री भट्टाचार्या।
पुरुष गायक: सौरभ कर, सुब्रतो गांगुली, सुजीत सेनगुप्ता और प्रणव श्रीवास्तव












