लखनऊ। हजरतगंज स्थित वीरागंना झलकारी बाई मंिहला अस्पताल में मोहनलालगंज की गैंग पीडि़ता जांच में लापरवाही बरती गयी। इस कारण पीड़िता जांच के लिए भटकती रही। जांच के लिए नाइट शिफ्ट में तैनात डाक्टर ने पीड़िता से जांच के लिए पर्चा पर अंगूठा तो लगवाया, लेकिन पीड़िता का नाम व साइन करना भूल गयी। इसकी वजह से गैंगरेप पीड़िता की जांच नहीं हो पायी।
बताया जाता है कि मोहनलालगंज गैंग पीड़िता को पुलिस मेडिकल जांच के लिए हजरतगंज स्थित वीरागंना झलकारी बाई अस्पताल पहुंची। यहां पर नाइट शिफ्ट में तैनात महिला डाक्टर ने जांच के लिए पर्चा दिया आैर पीड़िता के अंगूठे का निशान भी लिया, लेकिन जल्द बाजी में गैंग पीड़िता का नाम लिखना व अपना हस्ताक्षर करना भूल गयी। इस कारण पीड़िता की जांच नहीं हो पायी। पीड़िता के परिजनों ने इसकी शिकायत जब दिन में तैनात डाक्टर से की तो उसे परामर्श दिया गया कि नाइट शिफ्ट की डाक्टर ही शेष प्रक्रिया को पूरा करेंगी।
ऐसे में गैंग पीड़िता की जांच एक दिन आैर टल गयी। पीड़िता जांच के लिए प्रक्रिया पूरा होने का इंतजार कर रही है। परिजनों का कहना है कि अगर नाइट शिफ्ट की महिला डाक्टर ने थोड़ा भी ध्यान दे दिया होता तो जांच में देरी नहीं होती। उधर अस्पताल के कार्यवाहक डा. नीलाम्बर का कहना है कि वह अवकाश पर है, लेकिन उनकी जांच के अनुसार जो भी कमी थी, उसको पूरा करके पीड़िता की जांच हो गयी है।











