लखनऊ। लखनऊ का इको गार्डन मैदान एक बार फिर कर्मचारियों के ऐतिहासिक आंदोलन का गवाह बना। कल से जारी मूसलाधार बारिश के बावजूद पूरे उत्तर प्रदेश से आए लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ‘अटेवा’ (ATEWA) और ‘NMOPS’ के बैनर तले आयोजित इस महारैली में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, TET की अनिवार्यता समाप्त करने और निजीकरण के विरोध में जोरदार हुंकार भरी गई।

पूरा इको गार्डन ‘पेंशनमय’: छातों पर चमका OPS
खराब मौसम और लगातार होती बरसात भी कर्मचारियों के जज्बे को कम नहीं कर सकी। पदाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सुबह से ही मैदान में महिलाओं और पुरुषों की टोलियां पहुंचने लगीं। हर तरफ OPS लिखे हुए छाते और गूंजते नारे दिखाई दे रहे थे। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, तराई और पश्चिमांचल से आए आंदोलनकारियों के नारों और गीतों से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।

मांगें पूरी न होने पर ‘डेरा डालो-घेरा डालो’ आंदोलन की चेतावनी
रैली को संबोधित करते हुए NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार ‘बन्धु’ ने स्पष्ट किया कि TET की अनिवार्यता, NPS और निजीकरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “निजीकरण ने देश में बेरोजगारी को बढ़ाया है। अगर सरकार ने तीन महीने के भीतर कर्मचारियों के इस आक्रोश को नहीं समझा, तो लखनऊ में ही ‘डेरा डालो-घेरा डालो’ के तहत क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।
इसके साथ ही, विभिन्न कर्मचारी नेताओं ने आगामी विधान परिषद (स्नातक निर्वाचन) चुनाव में विजय कुमार ‘बन्धु’ का समर्थन करने का आह्वान किया, ताकि सदन के भीतर शिक्षकों और कर्मचारियों के मुद्दों को मजबूती दी जा सके।
सरकार से वार्ता के आश्वासन पर समाप्त हुई रैली
महारैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात डीसीपी को एक ज्ञापन सौंपा गया। प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल की वार्ता मुख्य सचिव से कराने और एक सप्ताह के भीतर माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात का लिखित आश्वासन मिलने के बाद महारैली का औपचारिक समापन हुआ।
इस रैली में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे अन्य राज्यों के कर्मचारी प्रतिनिधियों और रेलवे व स्वास्थ्य महासंघ समेत कई प्रमुख संगठनों ने हिस्सा लिया।












