लखनऊ। बढ़ते वायरल बुखार व डेंगू के मरीजों के चलते ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गयी है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ब्लड बैंक से वार्डो में भर्ती मरीज ही नहीं, बल्कि निजी अस्पतालों के मरीज भी नेट से जांच की हुई प्लेट्लेट्स लेने के लिए आ रहे है। बदलते मौसम के कारण वायरल बुखार के मरीज लगातार बढ रहे है। लगभग सभी अस्पतालों में वायरल के मरीजों से ओपीडी के अलावा इमरजेंसी भी फुल रहती है। इसके साथ ही डेंगू के मरीजों की संख्या भी अचानक बढ़ने लगी है। इसमें सबसे पहले प्लेट्लेट्स ही कम होती है आैर मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए इसकी मांग बढ़ जाती है। राजधानी के लगभग सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में डेंगू व वायरल बुखार के मरीज लगातार बढ रहे है।
स्वास्थ्य विभाग की माने तो डेंगू के मरीज तो बढ़े है लेकिन पैनिक होने की आवश्यकता है। इस बार डेंगू के वायरस ज्यादा तेज नही है आैर इस कारण मरीज ज्यादा की संख्या में नहीं आ रहे है। फिर भी डेंगू के मरीज अस्पतालों में भर्ती तो ही रहे है। बताया जाता है कि निजी अस्पतालों से लोग काफी संख्या में लोग प्लेटलेट्स लेने आ रहे है। डा. तूलिका चंद्रा ने बताया कि केजीएमयू के ब्लड बैंक में नेट ( न्यूक्लिक एसिड टेस्ट) किया हुआ ब्लड एक मात्र यही के ब्लड बैंक में कम शुल्क में मिलता है। निजी ब्लड बैंक में अगर नेट की जांच करने के बाद ब्लड यूनिट मिलती है तो ब्लड यूनिट काफी होती है।












