लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) पाठ्यक्रम में प्रवेश को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी की प्रवेश समिति की बैठक में लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि राज्य के सभी सरकारी जीएनएम कॉलेजों और उन निजी कॉलेजों, जो किसी अन्य मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध नहीं हैं, में प्रवेश के लिए परीक्षा अब अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा कराई जाएगी। वहीं, जो निजी कॉलेज किसी निजी मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं, उनमें प्रवेश की प्रक्रिया संबंधित यूनिवर्सिटी ही संचालित करेगी।
प्रदेश में वर्तमान में 10 सरकारी जीएनएम कॉलेज हैं, जिनमें कुल 513 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा 433 निजी कॉलेजों में 20,245 सीटें हैं, जो इस कोर्स में बड़ी संख्या में अवसर प्रदान करती हैं।
इस बैठक में कुलपति डॉ. अमित देवगन, डीन डॉ. अशोक विश्नोई, परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष शुक्ला और स्टेट मेडिकल फैकल्टी के सचिव डॉ. अनुराग श्रीवास्तव मौजूद रहे।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. देवाशीष शुक्ला ने बताया कि सभी जीएनएम कॉलेज स्टेट मेडिकल फैकल्टी से संबद्ध हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन 2026-27 सत्र से नई व्यवस्था लागू होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सफल अभ्यर्थियों को उनके गृह जनपद में प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी। परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे और कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानकों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
प्रवेश परीक्षा की तारीख और विस्तृत कार्यक्रम जल्द ही घोषित किए जाएंगे।












