लखनऊ। इस वर्ष नवरात्र 11 से 20 अक्तूबर 10 दिन के
शक्ति आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 11 अक्तूबर से होने जा रहा है। नवरात्रि के दिनों में देवी दुर्गा हिमालय से पृथ्वी लोक में आती हैं और अपने भक्तों के घरों में 9 दिनों के लिए विराजमान होती हैं। नवरात्रि में देवी दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-आराधना होती है। मां दुर्गा के भक्त इन नौ दिनों में उपवास रखते हुए मां शक्ति की साधना करते हैं। नवरात्रि में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री की पूजा की जाती है. ये सभी मां के नौ स्वरूप हैं.
ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज ने बताया कि नवरात्रि अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनायी जाती है. इस बार नवरात्रि का महापर्व 11 अक्टूबर से शुरू होगा और 20 अक्टूबर,.तक 10 दिन तक मनाया जाएगा. काशी पंचांग अनुसार अष्टमी तिथि की वृद्धि हो रही है इस बार अष्टमी तिथि 18 अक्तूबर को पूरे दिन से 19 अक्तूबर की प्रात : 06:53 बजे तक रहेगी, नवमी तिथि 19 अक्टूबर को प्रात: 06:53 बजे से 20 अक्टूबर को प्रात :09 :34 तक रहेगी, 20 अक्टूबर को दुर्गा मां की प्रतिमा का विसर्जन, व्रत का पारण किया जायेगा और विजय दशमी पर्व मनाया जायेगा .
इस बार हाथी पर देवी का आगमन- हाथी पर देवी का आगमन शुभ माना जाता है. हाथी को शक्ति, स्थिरता, धैर्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हठी पर माता का आगमन देश में अच्छी वर्षा, कृषि समृद्धि और सुख-शांति का संकेत देता है।
नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों को समर्पित हैं।हर दिन एक देवी की पूजा होती है और भक्त उसी क्रम में व्रत रखते हैं।
• प्रतिपदा, 11 अक्तूबर: मां शैलपुत्री की आराधना होगी। इसी दिन कलश स्थापना भी की जाएगी।
• द्वितीया, 12 अक्तूबर: देवी मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी।
• तृतीया, 13 अक्तूबर: मां चंद्रघंटा का पूजन होगा।
• चतुर्थी, 14 अक्तूबर: मां कूष्मांडा की उपासना करेंगे।
• पंचमी, 15 अक्तूबर: मां स्कंदमाता की पूजा का विधान है।
• षष्ठी, 16 अक्तूबर: मां कात्यायनी की आराधना की जाएगी।
• सप्तमी, 17 अक्तूबर: सातवें दिन मां कालरात्रि का पूजन होगा।
• महाअष्टमी, 18 अक्तूबर: अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा की जाएगी।
• महानवमी, 19 अक्तूबर: मां सिद्धिदात्री की उपासना होगी,
• दशमी, 20 अक्तूबर: नवरात्रि पारण, दुर्गा विसर्जन एवं विजयादशमी।












