
लखनऊ। दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देशभर में छठा राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह (17–23 सितंबर 2026) मनाया जा रहा है। इस वर्ष का मुख्य विषय (Theme) “Promoting Rational Use of Medicines through Pharmacovigilance: A Step Towards Safer Healthcare” रखा गया है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन एवं फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने आम जनता और स्वास्थ्यकर्मियों से संदिग्ध प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया (Adverse Drug Reaction – ADR) की तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की है।
क्या है फार्माकोविजिलेंस और क्यों है जरूरी?
फर्माकोविजिलेंस का सीधा अर्थ दवाओं की सुरक्षा के प्रति निरंतर सतर्कता बरतना है। इसके तहत दवाओं के दुष्प्रभावों (Side Effects) और संभावित जोखिमों की पहचान, निगरानी और रोकथाम की जाती है।
सुनील यादव ने बताया कि कई बार दवा बाजार में आने के बाद कुछ नए या अप्रत्याशित दुष्प्रभाव सामने आते हैं। ऐसी स्थिति में हर छोटी-बड़ी प्रतिकूल प्रतिक्रिया की रिपोर्टिंग किसी दूसरे मरीज को बड़े नुकसान से बचा सकती है।
फोन और ऐप से आसानी से करें ADR रिपोर्ट
एडीआर की सूचना देने के लिए केवल डॉक्टर ही नहीं, बल्कि मरीज स्वयं भी सीधे रिपोर्ट कर सकते हैं। सूचना दर्ज कराने के प्रमुख माध्यम निम्नलिखित हैं:
टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-3024 (बहुभाषी IVR प्रणाली उपलब्ध)
मोबाइल ऐप: ADR PvPI 2.0
ऑनलाइन माध्यम: IPC की ADRMS प्रणाली या निकटतम एडीआर मॉनिटरिंग सेंटर (AMC)
रिपोर्ट दर्ज कराने वाले व्यक्ति और मरीज की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाता है।
इतिहास का सबक: थैलिडोमाइड त्रासदी
फार्माकोविजिलेंस के महत्व को समझाते हुए उन्होंने 1950–60 के दशक की ‘थैलिडोमाइड त्रासदी’ का जिक्र किया, जिसके कारण हजारों बच्चों में गंभीर जन्मजात विकृति (फोकोमेलिया) देखी गई थी। इस घटना ने यह साबित किया कि दवा के बाजार में आने के बाद भी उसकी सुरक्षा की निरंतर निगरानी आवश्यक है।
Materiovigilance: मेडिकल डिवाइसेस की सुरक्षा भी अहम
दवाओं के साथ-साथ चिकित्सा उपकरणों (Medical Devices) की सुरक्षा के लिए भारत में Materiovigilance Programme of India (MvPI) संचालित किया जा रहा है। सुनील यादव ने कहा कि उपकरण हो या दवा, किसी भी विपरीत प्रभाव को छिपाने के बजाय उजागर करना सुरक्षित हेल्थकेयर की दिशा में बड़ा कदम है।
फार्मासिस्ट फेडरेशन का जागरूकता अभियान
फार्मासिस्ट फेडरेशन इस सप्ताह के दौरान आम जनता, विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच विशेष जागरूकता अभियान चला रहा है। सुनील यादव ने अपील की कि दवा से कोई भी असामान्य समस्या होने पर उसे नजरअंदाज न करें और टोल-फ्री नंबर या ऐप के जरिए तुरंत रिपोर्ट करें।











