लखनऊ CMO दफ्तर में ‘पोस्टर वार’ से खलबली: नियम ताक पर रख डॉक्टर को उपकृत करने का आरोप, शिकायत दबाने का दावा

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​कैसरबाग स्थित कार्यालय में गुपचुप चस्पा किए गए पोस्टर; गंभीर आरोपों के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप, आनन-फानन में हटाए गए।

​लखनऊ । राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब परिसर में गुपचुप तरीके से लगाए गए कुछ पोस्टरों ने सीधे विभाग की कार्यप्रणाली पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस ‘पोस्टर वार’ के सामने आने के बाद से पूरे स्वास्थ्य महकमे में हलचल तेज हो गई है।
​📌 पोस्टर में क्या हैं गंभीर आरोप?
​चस्पा किए गए पोस्टरों में बिंदुवार तरीके से CMO कार्यालय के भीतर चल रहे कथित खेल को उजागर करने का दावा किया गया है।

पोस्टर में मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:
​नियमों के विपरीत तैनाती: आरोप है कि एक लेवल-1 डॉक्टर की सीएमओ कार्यालय में नियमों को ताक पर रखकर तैनाती की गई है।
​अवैध सुविधाएं: कथित तौर पर उक्त डॉक्टर को नियमों के खिलाफ जाकर सरकारी वाहन और कार्यालय में बकायदा एक कमरा भी आवंटित किया गया है।

​निजी नर्सिंग होम का खेल: पोस्टर में डॉक्टर पर निजी नर्सिंग होम में कथित रूप से विजिट करने और वहां बड़ी गड़बड़ियां करने के भी आरोप मढ़े गए हैं।
​नेताओं की शिकायतें दबीं: दावा किया गया है कि इस मामले को लेकर कई विधायकों ने भी लिखित शिकायत की थी, लेकिन रसूख के चलते उन शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

​सबूतों का दावा: मामले को पुख्ता दिखाने के लिए पोस्टर में समाचार पत्रों की कटिंग्स, पूर्व में की गई शिकायतों के पत्र और कुछ तस्वीरें भी चस्पा की गई हैं।
​🔍 जांच में जुटा प्रशासन, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
​पोस्टर सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कर्मचारियों को भेजकर सभी विवादित पोस्टरों को दीवारों से हटवाया गया।
​फिलहाल, इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की ओर से कोई औपचारिक (Official) प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और न ही इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है।

प्रशासन अब दो बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रहा है:
​सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर दफ्तर में गुपचुप पोस्टर किसने चिपकाए?
​पोस्टर में डॉक्टर पर लगाए गए गंभीर आरोपों की सच्चाई क्या है?
​इस घटना के बाद से ही सीएमओ दफ्तर और लखनऊ के स्वास्थ्य गलियारों में चर्चाओं और कयासों का बाजार बेहद गर्म है। जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।

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