जान बचाने के लिए लोग छत से कूदे
* उपमुख्यमंत्री व अधिकारी मौके पर मौजूद

लखनऊ। अलीगंज के पुरनिया इलाके में दुकान में लगी भीषण आग लग गई. आग धीरे-धीरे दुकान के ऊपर कोचिंग में भी फैल गई। कोचिंग में दर्जनों की संख्या में छात्र छात्र-छात्राएं फंसे गये। जान बचाने के लिए छज्जे-छत से कूदे लगे। जिससे काफी संख्या में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए एक छात्र दूसरे तल से खुद तो नीचे लोहे की ग्रिल पर गिर गया जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया।
धुएं और लपटों से घिर पूरी बिल्डिंग में चीख पुकार मची हुई थी। लोगों ने राहत-बचाव कार्य में किया सहयोग कर रहे थे। लोग घायलों को अस्पताल पहुंचने में जुटे थे। मौके पर फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां और पुलिस की टीमें मौके पर रेस्क्यू में जुटीं थी। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, डीजी फायर, जिलाधिकारी विशाख जी एवं जेसीपी व अन्य पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गये । शाम 6:00 बजे तक केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में 15 ब्रेड डेड बॉडी लाई जा चुकी थी, ट्रामा सेंटर प्रशासन के अनुसार 6 से ज्यादा घायलों की संख्या है अभी और लोगों के आने की सूचना है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आग बुझा दी गई है, लेकिन अभी धुंआ काफी है। अंदर एक-दो लोगों के अभी भी फंसे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू जारी है, अस्पतालों को एलर्ट पर रखा गया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि दीवार काटकर दमकल कर्मी व पुलिस अंदर पहुंची है। उन्होने कहा कि आग लगने के बाद कुछ लोगों के ऊपर से कूदने से घायल होने की खबर है, पर घायलों की सही संख्या अभी नहीं मालूम है। उन्होने कहा कि पहले ये सुनिश्चित करना है कि अंदर कोई फंसा न हो। हाइड्रोलिक मशीन को भी मंगाया गया। राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने व घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं।
लोगों ने बताया पहले आंख नीचे की दुकान में लगी थी आग तेजी से ऊपर चलने वाली कोचिंग में फैल गई जहां पर दर्जनों की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। तेजी से बढ़ रही आग और धुएं के कारण वहां पर अफरा तफरी मच गई। आज से बचने के लिए छात्र-छात्राएं और कई लोग उपाय कल से नीचे कूदने लगे। मौके पर जिलाधिकारी और अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद हैं। उनका दावा है कि आज लगभग बुझ गई है आग के कारणों का पता लगाया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक मृतकों और घायलों की संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई थी। ट्रामा सेंटर में आपदा प्रबंधन के तहत घायलों के इलाज की व्यवस्था कर दी गई थी।












