kgmu :लिम्ब सेंटर: मरीजों को दी नही कबाड़ में फेंक दी दवाएं

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एक्सपायरी से पहले स्टोर के बाहर फेंकी गईं जीवनरक्षक दवाएं!

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के लिंब सेंटर स्थित एचआरएफ (HRF) स्टोर में दवाओं के रखरखाव और वितरण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि करीब पांच लाख रुपये मूल्य की दवाओं को स्टोर के बाहर खुले में फेंक दिया गया, जबकि इनमें से कई दवाएं अभी इसी माह एक्सपायर होने वाली हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जरूरतमंद मरीजों को वितरित किए जाने के बजाय इन दवाओं को कबाड़ में क्यों डाला गया।

जानकारी के अनुसार, लिंब सेंटर में एचआरएफ का नया स्टोर बनाया गया है, जहां इंजेक्शन, विटामिन और पोषण संबंधी दवाओं का भंडारण किया जाता है। लेकिन स्टोर के बाहर बड़ी मात्रा में दवाएं फेंकी हुई मिलीं। यह न केवल दवाओं के उचित भंडारण और प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की ओर भी इशारा करता है।

सूत्रों का कहना है कि एचआरएफ और संबंधित चिकित्सकों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई दवाओं का समय पर उपयोग नहीं हो पाया और वे एक्सपायरी की कगार पर पहुंच गईं। इसके बावजूद इन दवाओं को मरीजों तक पहुंचाने के बजाय बाहर फेंक दिया गया। दवाओं के निस्तारण के लिए निर्धारित मानकों का भी पालन नहीं किया गया।

स्टोर के बाहर मिलीं ये दवाएं
क्यूओग्रेस कैप्सूल्स
बैच नंबर: PKNHM 11
उत्पादन तिथि: जुलाई 2024
एक्सपायरी: जून 2026
अमीनो एसिड इंजेक्शन
बैच नंबर: LP 2405
उत्पादन तिथि: अगस्त 2024
एक्सपायरी: जून 2026
क्लोटिन इंजेक्शन
बैच नंबर: V627104
उत्पादन तिथि: जुलाई 2024
एक्सपायरी: जून 2026
मैग्टम नोवो इंजेक्शन
एक्सपायरी तिथि: जून 2026
जांच के आदेश

मामले के सामने आने के बाद केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया है। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दवाओं की इस कथित बर्बादी ने सरकारी अस्पतालों में दवा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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