kgmu: दो वर्षीय बच्ची के पेट में 1.5-Kg का दुर्लभ ट्यूमर, विशेषज्ञों ने सर्जरी कर निकाला

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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने दो वर्षीय बच्ची के पेट से डेढ़ किलो वजनी दुर्लभ ट्यूमर निकालकर बड़ी सफलता हासिल की है। बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे सात मई को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

बस्ती जिले के रहने वाले शिवम अपनी दो साल की बेटी को लगातार पेट दर्द की शिकायत लेकर KGMU पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक बच्ची पिछले दो महीनों से पेट दर्द से परेशान थी। दर्द धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था, भूख कम हो गई थी और उल्टी की समस्या भी होने लगी थी। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद भी राहत नहीं मिली, जिसके बाद बच्ची को KGMU रेफर किया गया।

अस्पताल में पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्रो. आनंद पांडे ने जांच के दौरान बच्ची के पेट में बड़ा ट्यूमर महसूस किया। इसके बाद कराए गए सीटी स्कैन में लिपोब्लास्टोमा नामक दुर्लभ ट्यूमर की पुष्टि हुई।
विभागाध्यक्ष प्रो. जिलेदार रावत ने परिजनों को सर्जरी की आवश्यकता समझाई और 27 अप्रैल 2026 को बच्ची को भर्ती किया गया। इसके बाद प्रो. रावत की देखरेख में प्रो. आनंद पांडे, डॉ. राहुल राय, डॉ. कौशल कुलकर्णी और डॉ. कृति पटेल की टीम ने सफल ऑपरेशन किया। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व प्रो. सतीश वर्मा ने किया।
डॉक्टरों के अनुसार 1.5 किलोग्राम का यह ट्यूमर आंतों, दाहिने गुर्दे और पेट की अन्य संरचनाओं पर दबाव बना रहा था। जटिल सर्जरी के जरिए इसे सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया।

प्रो. जिलेदार रावत ने बताया कि लिपोब्लास्टोमा बचपन में होने वाला बेहद दुर्लभ ट्यूमर है, जो पेट, हाथ या पैरों में विकसित हो सकता है। इसका सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है। आमतौर पर दर्द या सूजन जैसी समस्या होने पर ही इसकी पहचान हो पाती है।
KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इस सफल सर्जरी के लिए पूरी टीम को बधाई दी है।

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