सर्वे : पेट की इन दिक्कतों को नजरअंदाज करने से बढ़ रहा कोलोरेक्टल कैंसर

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लखनऊ । कोलोरेक्टल कैंसर (बड़ी आंत का कैंसर) को लेकर लखनऊ और अन्य शहरों में लोगों  की लापरवाही को उजागर करता है। ‘लाइफस्टाइल एवं डाइजेस्टिव हेल्थ अवेयरनेस सर्वे’ के यह आंकड़े बताते हैं कि लोग पेट की समस्याओं को हल्के में लेकर अनजाने में जानलेवा बीमारियों को निमंत्रण दे रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सर्वे के मुख्य और चिंताजनक बिंदु इस प्रकार हैं:

स्व-उपचार (Self-Medication) की प्रवृत्ति: लखनऊ में 90% लोग पेट की दिक्कतों का इलाज खुद करते हैं और 85.6% लोग डॉक्टर के पास जाने के बजाय मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर खाना बेहतर समझते हैं।

लक्षणों की अनदेखी: 82% लोग इस बात से अनजान हैं कि मल में खून आना कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। लोग बार-बार मल त्याग की इच्छा या अनियमितता को सामान्य पाचन समस्या मानकर टाल देते हैं।

 

 

 

 

 

खराब जीवनशैली: सर्वे में शामिल 50% लोग हफ्ते में कम से कम तीन बार बाहर का या पैकेट बंद खाना खाते हैं। वहीं, 54.8% लोग हफ्ते में तीन दिन भी व्यायाम नहीं करते, जो सेहत के लिए बड़ा जोखिम है।

नशे का प्रभाव: लगभग 40% लोगों ने तंबाकू सेवन की बात स्वीकार की है, जो पेट और आंतों के कैंसर का एक प्रमुख कारण है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

विशेषज्ञ की सलाह: डॉ. अभिषेक पाठक के अनुसार, इन लक्षणों को “लाइफस्टाइल चेंज” के नाम पर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यदि मल त्याग की आदतों में बदलाव हो या मल में खून आए, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कोलोरेक्टल कैंसर मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:

मल त्याग की आदतों में बदलाव: यदि आपको लगातार कब्ज, दस्त या मल के आकार में बदलाव  महसूस हो रहा है, तो यह आंत में रुकावट का संकेत हो सकता है।

मल में खून आना: यह इस कैंसर का सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत है।

पेट में लगातार बेचैनी: पेट के निचले हिस्से में बार-बार ऐंठन, गैस, दर्द या भारीपन महसूस होना।

अधूरा मल त्याग: शौच के बाद भी ऐसा महसूस होना कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ है।

अकारण वजन कम होना: बिना किसी डाइटिंग या एक्सरसाइज के शरीर का वजन तेजी से गिरना।

थकान और कमजोरी: शरीर में खून की कमी (एनीमिया) होने के कारण हर समय थकान और ऊर्जा की कमी महसूस होना, क्योंकि ट्यूमर से धीरे-धीरे आंतरिक रक्तस्राव होता रहता है। जी मिचलाना या उल्टी।

 

 

 

 

 

 

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