मात्र साठ हजार में हुई रोबोटिक सर्जरी, दूसरे दिन बच्चा चलने फिरने लगा
लखनऊ । किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने बच्चे की दूसरी रोबोटिक सर्जरी सफलता की है । सात वर्षीय बच्चे श्रेयांश की लेफ्ट इंगुइनल हर्निया का रोबोटिक सर्जरी से उपचार किया गया है।
सेक्टर-सी, एलडीए कॉलोनी, कृष्णा नगर निवासी माता-पिता राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में घूम चुके थे, लेकिन वहां या तो रोबोटिक सुविधा नहीं थी या ओपन सर्जरी के लिए बहुत ज्यादा शुल्क बता रहे थे। बच्चों के माता-पिता केजीएमयू की पीडियाट्रिक सर्जरी ओपीडी मे बच्चे को दिखाया। यहां जांच में पाया गया कि बच्चे को बाईं तरफ इंगुइनल हर्निया हैं।
विभाग ने 10 मार्च को बच्चे को भर्ती किया और रोबोटिक सर्जरी का परामर्श दिया। रोबोटिक सर्जरी के फायदे सुनकर माता-पिता तत्काल तैयार हो गए। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने 16 मार्च को सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। रोबोटिक तकनीक की वजह से बच्चे को बहुत कम दर्द हुआ, तेज रिकवरी हुई और अगले दिन ही वह उठकर चलने-फिरने लगा।
विभाग प्रमुख प्रो .जेडी रावत ने बताया कि 18 मार्च को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। पूरे इलाज पर मात्र 60,000 रुपये का खर्च आया, जो अन्य जगहों की तुलना में कई गुना कम है। सर्जरी टीम में प्रो. आनंद पाण्डेय, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. मनीष राजपूत और डॉ. अमोल अग्रवाल सहित अन्य लोग शामिल थे।
एनेस्थीसिया टीम में डॉ. विनीता सिंह और डॉ. नीलकमल, नर्सिंग ऑफिसर रीता ने भी सहयोग किया। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि अब अन्य बीमारियों से जूझ रहे बच्चों का भी रोबोटिक सर्जरी से इलाज करेगा, ताकि वयस्कों की तरह बच्चों को भी कम दर्द, तेज रिकवरी और बेहतर परिणाम मिल सके।
कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सर्जरी की सफलता पर पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।












