लखनऊ। कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच आैर ज्यादा करने के लिए बलरामपुर अस्पताल में लेवल दो की वायरोलॉजी लैब बनाने की तैयारी शुरू कर दी गयी है। यह लैब पैथालॉजी के ऊपर ब्लड बैंक की खाली पड़ी जगह को तैयार किया जा रहा है। लैब के लिए ड्रग कारपोरेशन उपकरण उपलब्ध करायेगा, तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मैन पावर की व्यवस्था कर लैब शुरू करा देगा। निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि जरूरी सामानों की सूची दोनों संस्थानों को भेज दी गयी हैं।
प्रदेश में कोरोना की दस हजार से अधिक जांचे रोजना की जा रही हैं। इस संख्या और बढ़ाया जाए इसके लिए अलग-अलग चिकित्सा संस्थानों में जांच की सुविधा मुहैया कराने का निर्देश मुख्यमंत्री पहले ही दे चुके हैं। दो दिन पहले चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बलरामपुर अस्पताल का दौरा करते हुए वहां वायरोलॉजी लैब स्थापित करने के निर्देश दिये थे। ताकि कोरोना संक्रमित मरीजों की कोविड-10 की जांचें की जा सकें।
अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में लैब स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया आैर प्रस्ताव शासन को भेजते हुए उपकरण व मैन पावर की मांग की गयी। शासन ने भी निर्देश दिया कि ड्रग कारपोरेशन लैब के जरूरी उपकरण मुहैया कराएगा तथा एनएचएम का जिम्मा होगा कि विशेषज्ञों की टीम अस्पताल को उपब्ध कराए। निदेशक बलरामपुर डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि आईसीएमआर की गाइड लाइन के तहत लैब का चलाने के लिए एक माइक्रोबायोजिस्ट की आवश्यकता होगी। इसके साथ एक मेडिकल ऑफिसर व तीन लैब टेक्नीशियन(एक शिफ्ट के लिए) को तैनात करना होगा। इसके अलावा हर एक शिफ्ट के लिए तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी चाहिए होंगे। निदेशक का कहना है कि वह लैब तैयार करने के लिए माइक्रोबायोजिस्ट की तलाश शुरू कर दी गयी है। यदि कोई रिटायर माइक्रोबायोजिस्ट मिल जाता है तो भी उसे संविदा पर तैनात किया जा सकता है।












