- हेल्थकेयर एट होम ने फिजियोथैरेपी पेशे और इसके पेशेवरों के लिए कई स्थलीय एवं आनलाइन गतिविधियों का आयोजन किया
- HCAH की फिजियोथैरेपी पर राष्ट्रीय वार्षिक संगोष्ठी में 16,000 फिजियोथैरेपिस्ट ने हिस्सा लिया। यह भारत की पहली संगोष्ठी है जिसमें विषयों को लोगों के बीच से लिया गया
- फेसबुक लाइव के जरिए काउंसलिंग सत्र और फिजियो मास्टरमाइंड जैसी प्रतिस्पर्धाएं आकर्षण का केंद्र रहीं।
फिजियोथैरेपी की जरूरत दिनोंदिन बढ़ रही है। इसका श्रेय दोषपूर्ण शारीरिक मुद्रा, कॉरपोरेट नौकरियों में घंटों बैठे रहने, बूढ़ों की बढ़ती आबादी और मांसपेशियों के दर्द से राहत की उनकी जरूरत को दिया जा सकता है। हालांकि फिजियोथैरेपी की भूमिका इन सब चीजों से भी आगे है जिसमें सर्जरी से गुजरे मरीजों या दुर्घटनाग्रस्त हुए लोगों के पुनर्वास पर काम किया जाता है। दुर्भाग्य से, भारत में फिजियोथैरेपी के पेशे को अभी उतना मान सम्मान नहीं मिला जितना इसे चिकित्सा के क्षेत्र और आम लोगों के बीच मिलना चाहिए।
हेल्थकेयर एट होम ने मरीजों की सेहत में सुधार लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में फिजियोथैरेपिस्ट की अहम भूमिका को लेकर जागरूकता पैदा करने का काम किया है। भारत की अग्रणी होम हेल्थकेयर कंपनियों में से एक हेल्थकेयर एट होम अपने देशव्यापी अभियान के साथ देशभर में फिजियोथैरेपिस्ट्स को प्रोत्साहित और सशक्त करती है। हेल्थकेयर एट होम ने पूरे देश से करीब 25,000 फिजियोथैरेपिस्ट्स को आनलाइन एवं अन्य गतिविधियों में लगाया।
इस अभियान की खास बात 2018 में भारत की पहली राष्ट्रीय वार्षिक संगोष्ठी है। पांच शहरों में आयोजित संगोष्ठी HCAH NASOW 2018 के पहले संस्करण में भारत भर से करीब 16,000 फिजियोथैरेपिस्ट्स ने दिल्ली एनसीआर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में हिस्सा लिया। फिजियोथैरेपिस्ट्स से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया पर एचसीएएच में फिजियोथैरेपिस्ट सेवाओं के प्रमुख डाक्टर गगन कपूर ने कहा, “NASOW भारत की फिजियोथैरेपी संगोष्ठियों की पहली सीरीज है जिसमें आम लोगों से विषय लेकर चर्चाएं की जाती हैं। यह समझने के लिए कि कौन कौन से मुद्दे हैं जिनको लेकर मार्गदर्शन की आवश्यकता है, हमने 500 फिजियोथैरेपिस्ट की बीच एक सर्वेक्षण किया।
उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर NASOW के प्रथम संस्करण की थीम फिजियोथैरेपी के अभ्यास में सतत गुणवत्ता सुधार रखी गई है। फिजियोथैरेपी क्षेत्र से विशेषज्ञ जैसे बेंगलूरू में रामकृष्ण हास्पिटल की फिजियोथैरेपी विभाग की प्रमुख डाक्टर आरती प्रसाद, मुंबई में एच.एन. रिलायंस हास्पिटल में स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग के प्रमुख डाक्टर हील्थ मैथ्यूज, कोलकाता के आनंदपुर फोर्टिस हास्पिटल में क्रिटिकल केयर यूनिट के प्रमुख डाक्टर यशेष पालीवाल एवं कई अन्य लोग NASOW में एचसीएएच के साथ वक्ता के तौर पर जुड़े हैं। हम हमेशा से ही हेल्थकेयर पेशेवरों को सशक्त करने में विश्वास करते रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के जरिए हमारा लक्ष्य देशभर में फिजियोथैरेपिस्टों को करियर काउंसिलिंग, मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।”
डाक्टर गगन कपूर ने फेसबुक लाइव के जरिए देशभर के फिजियोथैरेपिस्ट्स के लिए काउंसलिंग सत्रों का आयोजन एवं नेतृत्व किया। इन लाइव काउंसलिंग सत्रों में करीब 5,000 फिजियोथैरेपिस्ट्स ने हिस्सा लिया। देश के सभी हिस्सों से फिजियोथैरेपिस्ट्स द्वारा सैकड़ों की संख्या में पूछताछ पोस्ट की गई जिनका अग्रणी फिजियोथेरैपी विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
एचसीएएच के सह संस्थापक और सीईओ विवेक श्रीवास्तव ने कहा, “हमारा मानना है कि चोट, शारीरिक अक्षमता और कई मामलों- सर्जरी उपरांत मरीजों के इलाज में फिजिकल थैरेपी विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन अक्सर फिजियोथैरेपी पेशे को उतना मान सम्मान नहीं मिलता जितना मिलना चाहिए। इस राष्ट्रीय अभियान के जरिए हमारी इच्छा फिजियोथैरेपी को सुर्खियों में लाने, मरीजों के पुनर्वास में फिजियोथैरेपिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने और साथ ही क्लिनिकल विश्वसनीयता में सुधार लाने की है। हम युवा फिजियोथैरेपिस्ट्स को प्रोत्साहित करते हैं और उनके करियर के लिए जानकारी भरा निर्णय करने में उन्हें सशक्त करते हैं।
हमारी फिजियो मास्टरमाइंड प्रतियोगिता इसी दिशा में एक कदम है। करीब 200 युवा फिजियोथैरेपिस्ट्स ने एचसीएएच के साथ अपने अनुभव साझा किए जिनका फिजियोथैरेपी विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा मूल्यांकन किया जा रहा है। विजेताओं को एचसीएएच द्वारा सम्मानित किया जाएगा। ये गतिविधियां देशभर के फिजियोथैरेपिस्ट्स को एक दूसरे के साथ नेटवर्क बनाने और अपने करियर के लिए आवश्यक मार्गदर्शन हासिल करने के लिए उन्हें एक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिजाइन की गई हैं।
भारत की अग्रणी होम हेल्थकेयर साल्यूशन प्रदाता कंपनी हेल्थकेयर एट होम ने मरीजों के घर पर फिजियोथैरेपी समाधान उपलब्ध कराकर इस थैरेपी तक मरीजों की पहुंच बढ़ाकर करियर के तौर पर फिजियोथैरेपी को अपनाने को एक बड़ा प्रोत्साहन दिया है। हेल्थकेयर एट होम अपने फिजियोथैरेपिस्ट्स को आधुनिक प्रशिक्षण और ज्ञान बढ़ाने की सुविधा भी उपलब्ध कराती है। इसका देशव्यापी अभियान भारत में फिजियोथैरेपिस्ट्स को प्रोत्साहन देने और फिजियोथैरेपी को एक करियर के तौर पर अपनाने को लेकर इसकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है।
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