लखनऊ । नगराम में पांच लोगों की रहस्यमय बीमारी से मौत के कारणों खुलासा करने में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ भी बैक फुट पर आ गये है। ब्लड व बलगम के नमूने के आधार पर किसी प्रकार की बीमारी का खुलासा नहीं हो सका है। अब विसरा की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि बीमारी से तो मरीज मर गये, लेकिन अभी भी गांव में वायरल स्टडी की आवश्यक ता है। वहीं गांव में अभी भी रहस्यमय बीमारी का खौफ बना है आैर अस्थायी अस्पताल में लगातार मरीज इलाज कराने के लिए आ रहे है।
नगराम के मुतर्जापुरपुर गांव में रहस्यमय बीमारी से तीन बच्चों सहित पांच लोगों की मौत हो चुकी है। बीमारी के कारणों से अंजान स्वास्थ्य विभाग ने केजीएमयू विशेषज्ञों से बीमारी का इलाज करने का अनुरोध किया था। केजीएमयू की टीम भी पिछले रविवार को जाकर मृतक मरीजों के परिजनों के ब्लड व बलगम का नमूना लेकर आ गयी थी। टीम में माइक्रोबायलॉजी विभाग की टीम भी गयी थी। टीम ने तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने का वादा किया था, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी तक विशेषज्ञ किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके है। ब्लड की जांच रिपोर्ट में जापानी इंसेफ्लाइटिस के एंटीबाडी तो मिले है, लेकिन किसी वायरस होने की पुष्टि नही हो सकी है।
स्वास्थ्य विभाग के मानना है कि कुछ दिन पहले जेई का टीकाकरण अभियान चलाया गया था, जिसमें जेई की वैक्सीन लगायी गयी थी, इस कारण एंटीबाडी मिलना कोई बड़ी बात नहीं है। परन्तु ब्लड व बलगम से किसी वायरस होने की पुष्टि नही हो सकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी आैर शोध करने की आवश्यकता है। क्लीनिकल वायरलोजिकल जांच होना आवश्यक है। केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एस एन शंखवार का कहना है कि जांच अभी जारी है। यह पहले चरण की जांच हुई है। जिसमें एंटीबाडी जेई के पाये गये है। उन्होंने बताया कि अब मृतक मरीजों के सुरक्षित रखे गये विसरा की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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