लखनऊ। अगर किसी महिला के पेट में लगातार सूजन बनी रहे आैर किसी प्रकार की ब्लीडिंग या दर्द न हो, तो एक बार महिलाओं को एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टर ने जांच करा कर परामर्श लेना चाहिए। यह जानकारी डा. रमा श्रीवास्तव ने 42 वर्षीय महिला के छह किलो का ट्यूमर निकालने के बाद दी। उन्होंने बताया कि यह ओवेरियन सिस्टैडिएडीनोमा ट्यूमर था आैर महिला को जानकारी ही नही थी। इमरजेंसी में सर्जरी करके ट्यूमर को निकाला गया। डा. रमा श्रीवास्तव ने बताया कि हैदरगढ़ निवासी गीता ( बदला नाम) को लगातार पेट में सूजन बढ़ती जा रही थी। पेट में दर्द भी नही हो रहा था। इसके अलावा किसी प्रकार की कोई दिक्कत या ब्लीडिंग भी नहीं हो रही थी।
अचानक उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो उसे स्थानीय डाक्टरों को दिखाया तो तत्काल विशेषज्ञ डाक्टर को दिखाने के लिए कहा गया। परिजनों ने गीता को लखनऊ में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. रमा श्रीवास्तव को दिखाया। यहां पर उन्होंने अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भेजा, तो जांच में पाया कि उसके बच्चेदानी के अण्डेदानी में छह किलों का ट्यूमर बन रहा था। उन्होंने आश्चर्य किया कि महिला को इसकी भनक नहीं थी। महिला ने बताया कि पेट में सूजन को उसने गंभीरता नहीं लिया। उसे किसी प्रकार का दर्द नहीं हो रहा था। सबसे ज्यादा खास बात यह थी कि उसे किसी प्रकार की ब्लीडिंग नहीं हो रही थी।
लगातार बढ़ते ट्यूमर के कारण उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो वह डाक्टर के यहां दिखाने गयी थी। डा. रमा ने बताया कि एक तरफ तो उसके अण्डेदानी में एक तरफ ट्यूमर था तो दूसरी तरफ गंदा पानी भरा हुआ था। इमरजेंसी में मंिहला मरीज का आपरेशन करना पड़ा। ट्यूमर कैंसर का नहीं था, लेकिन ज्यादा बड़ा होने पर कैंसर का कारक भी बन सकता था। उन्होंने बताया कि महिलाओं या लड़कियों को चाहिए कि अगर लगातार पेट में सूजन बनी रहे आैर किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो तो किसी विशेषज्ञ डाक्टर से परामर्श कर जांच कराना चाहिए।
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