लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में डाक्टरों पर मरीज के इलाज में लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि युवती को जब इमरजेंसी में लेकर आये तो बेहोशी की हालत में थी। समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गयी, जबकि परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं किया गया। हंगामा होने पर पुलिस मौके पर पहुंच गयी, जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि युवती बेहोश नहीं मृत आयी थी। संदिग्ध मौत देखते हुए पुलिस को भी सूचना दे दी गयी थी।
सआदतगंज निवासी इरफाना (20) को पड़ोसियों ने अपने मकान के आंगन में बेहोश देखा था आैर किसी काम से गये उसके परिजनों को सूचना दी। तत्काल घर पहुंचे परिजनों ने बेहोश इरफाना को निकट के अस्पताल पहुंचाया। यहां पर डाक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि इमरजेंसी में डाक्टरों ने बेहोश इरफाना के इलाज में लगातार देर करते रहे आैर एक घंटे बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जब परिजनों ने हंगामा किया तो जांच के बहाने पोस्टमार्टम हाऊस भेज दिया गया। इस पर आक्रोशित परिजनों ने बवाल काट दिया।
उन्होंने इलाज में डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। जब कि इमरजेंसी में तैनात डाक्टरों का कहना है कि युवती इमरजेंसी में आयी तो मृत हालत में थी। कम उम्र होने के कारण आैर संदिग्ध मौत होने का कारण पुलिस को भी सूचना दे दी गयी थी। इस बीच जब परिजन शव को ले जाने लगे तो उसे पोस्टमार्टम भेज दिया जाने लगा था। निदेशक बलरामपुर अस्पताल डा. राजीव लोचन का कहना है कि युवती मृत लायी गयी थी आैर इलाज में कोई लापरवाही नही हुई।
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