लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के क्वीनमेरी अस्पताल में सोमवार को प्रसूता की मौत पर परिजनों ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्रसूता को पूरी रात भर्ती रखा गया, लेकिन बिगड़ती प्रसूता के बावजूद लापरवाह डाक्टरों ने इलाज तक शुरू नहीं किया गया। सुबह जब हालत बिगड़ी तो इलाज शुरू किया, इलाज में देरी करने से उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल गेट पर घंटों पर बवाल काटा।
अमेठी निवासी विश्वदीप मिश्रा की पत्नी के प्रसव पीड़ा होने पर रविवार सुबह परिजनों ने सरकारी अस्पताल में प्रसव कराया था। प्रसव के बाद प्रसूता को तेजी से झटके आने लगे। डाक्टरों ने झटके आने की शिकायत के बाद तत्काल उसे क्वीनमेरी के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों ने रविवार शाम को क्वीनमेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर सोमवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि रविवार शाम प्रसूता को जब क्वीन मेरी अस्पताल में भर्ती तो कर लिया गया, उनका आरोप है कि डाक्टरों ने रात में कोई इलाज नहीं किया।
सुबह जब प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी आैर परिजनों ने डाक्टरों से फरियाद की, तब जाकर इलाज शुरू किया गया। इस बीच उसकी मौत हो गयी। परिजनों का आरोप था कि अगर समय पर इलाज शुरू किया जाता, तो प्रसूता की मौत न होती। इससे नाराज परिजनों ने गेट के पास जमकर हंगामा किया। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नही हुई तो वह शव लेकर चले गए। चिकित्सा अधीक्षक डा. एस पी जायसवार ने कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गयी। झटके आने के अलावा महिला की हालत पहले से ही गंभीर बनी थी।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.












