चिकित्सा सेवा समाज की सेवा करने का उत्कृष्ट

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लखनऊ । चिकित्सा का क्षेत्र एक आदर्श व्यवसाय के साथ देश व समाज की सेवा का का उत्कृष्र्ट माध्यम है। काफी संख्या में चिकित्सक चिकित्सा को एक पेशवर व्यवसाय के रूप में करते है। डाक्टर की समाज के प्रति कुछ जिम्मेदारी होती है। इस लिए उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए,मरीजों के प्रति संवेदनशीलता व व्यवहार आवश्यक है।

यह उद्गार रविवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के 113 वें स्थापना दिवस समारोह में संबोधित करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( एम्स) नई दिल्ली के निदेशक प्रो. रनदीप गुलेरिया ने व्यक्त किये। समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. गुलेरिया एमबीबीएस व बीडीएस मेडिकोज के अलावा कर्मचारियों, स्टाफ नर्स को सम्मानित किया। इसके अलावा डाक्टरों की पुस्तक का विमोचन भी किया। समारोह में सीएसआईआर लखनऊ के निदेशक प्रो. अनिल त्रिपाठी के वल्र्ड एकेडमी आफ आथेंटिक हीलिंग साइसेज कनार्टक के चैयरमैन पद्म भूषण प्रो. बीएम हेगड़े के अलावा कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट भी मौजूद थे।

प्रो. गुलेरिया ने कहा कि मेडल मिलना आपके कार्य क्षेत्र का अंतिम लक्ष्य नहीं है,बल्कि मेडल लेना एक उच्चस्तरीय कार्य के लिए प्रेरित करता है। इस मेडल मिलने से जिम्मेदारी समाज के प्रति बढ़ जाती हैं। उन्होंने मेडिकोज से कहा कि कभी भी किसी एक विद्या या लक्ष्य में नहीं बांधना चाहिए। कभी कहीं कोई कुछ भी कर सकता है। प्रो. गुलेरिया ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि इंजीनियर बने थे लेकिन कुछ नया करने की चाहत के कारण बायोलॉजी की पढ़ाई की और पीडियाट्रिक्स डॉक्टर बन गया। उन्होंने कहा मेडिसिन में नयी दवाओं का दायरा बढ़ा है अब हर्बल दवाओं को भी जटिल बीमारियांें में शोध के बाद कारगर माना जा रहा है। यह शोध का नया क्षेत्र है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सीमैप के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि काफी मरीजों का इलाज प्राचीन काल की भांति आज भी पौधों से ही होता है। अगर देखा जाए तो आधुनिक युग की दवाओं का आधार पौधे हैं। पौधों से बनी कई दवाए बाजार में है जो कि कारगर है। अब जल्द ही हेपेटाइटिस -बी के बाद गठिया और एंटी एजिग की दवा तैयार करने रिसर्च अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि कठिन मेहनत से आगे बढ़िए। जीवन में आशा कभी न छोड़िए। उन्होंने प्लांट बेस्ट हेल्थ सिस्टम को बढ़ावा देने की अपील की थी। कहा सभी चिकित्सा पद्धतियों को मिलकर लोगों के रोगों का इलाज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इलाज सस्ता होगा तथा आम लोगों की पहुंच में होगा तभी इसका लाभ समाज को मिल सकेगा। विशिष्ट अतिथि प्रो. बीएम हेगड़े ने कहा कि मेडिकोज को अब रिसर्च पर ध्यान देना होगा। मेडिसिन साइंस का विस्तार हो रहा है। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा कि केजीएमयू को एक पत्रिका में 2017 के लिए एमबीबीएस में 5 वां व बीडीएस में छठा बेस्ट शैक्षणिक संस्थान के रूप में जाना है। समारोह में आर्थोपैडिक विभाग के प्रमुख डा. जीके सिंह सहित अन्य वरिष्ठ डाक्टर मौजूद थे।

यह दिये गये मेडल्स
-69 गोल्ड मेडल प्रदान किए गये, इसमें 43 मेडिकल और 26 दंत संकाय के मेधावियों को बांटे गये।
-49 सिल्वर मेडल दिए गये। इसमें 24 मेडिकल और 25 दंत संकाय के छात्रों को प्रदान किए गये।
-8 कास्य पदक से मेधावियों को नवाजा गया। चार मेडिकल और चार दंत संकाय के मेधावी शामिल है
-77 सर्टिफिकेट ऑफ ऑर्नर विद् डिक्डेंशन मेधावियों को प्रदान किए जाएंगे, इसमें 36 मेडिकल और 41 दंत संकाय के छात्र-छात्राएं
-8 सर्टिफिकेट ऑफ ऑर्नर, इसमें तीन मेडिकल और पांच दंत संकाय के मेधावी
-8 मेधावियों को बुक प्राइज मिला।

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