लखनऊ। दिल्ली के होम्योपैथी डॉ.दीपक शर्मा का कहना है कि वर्तमान परिवेश में महिलाओं में पॉलिस्टिक ओविरियन सिंड्रोम बहुत तेजी से बढ़ रहा है,जिससे गर्भधारण करने में दिक्कत आने की आशंका रहती है। सबसे ज्यादा यह दिक्कत महिलाओं को माहवारी रोकने के लिए दवाओं का प्रयोग करने के कारण आ रही है। डा. शर्मा रविवार को आयोजित होम्योपैथी आधुनिक चिकित्सा एवं इलाज पर आयोजित कार्यशाला में सम्बोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस सोसाइटी द्वारा को गोमती नगर स्थित एक होटल में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजित की गयी थी। कार्यशाला में देश भर के होम्योपैथी विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद थे। कार्यशाला का उद्घाटन किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने किया।
उन्होंने कहा कि पॉलिस्टिक ओविरियन सिंड्रोम बीमारी में देखा गया है कि जो महिलाएं काम काज के दौरान घर में पोंछा लगाती है, उनको यह बीमारी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि अक्सर महिलायें काम के चक्कर में या बाहर कहीं आने जाने के समय में दवाओं का सेवन करके माहवारी को रोकती है। जो आगे चलकर काफी घातक सिद्व होता है। इस प्रकार की बीमारी का इलाज होम्योपैथी की दवा आैर शारीरिक श्रम से ही सम्भव है।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि केजीएमयू के कुलपति डॉ. एमएलबी. भट्ट ने कहा कि होम्योपैथी दवाओं के माध्यम से जीवन शैली जनित बीमारियों का इलाज सम्भव है। कानपुर के एमबीबीएस, एमडी करने के बाद होम्योपैथी का अध्ययन करने के बाद इलाज कर रहे डॉ.हर्ष निगम का कहना है कि बदलती जीवन शैली लोगोंको बीमार कर रही है। खराब जीवन शैली से होने वाले रोगों की जानकारी शरीर के बदलते लक्षण पहले से ही देने लगते है। लेकिन हम उसकों पहचान नहीं पाते या पहचान कर भी अनदेखा करते हैं। जिसका दुष्परिणाम बाद में बीमारी की शक्ल में उठाना पड़ता है। खराब जीवन शैली आज लोगों को गुर्दा रोग,लीवर रोग तथा मधुमेह आदि बीमारी दे देती है।
केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनुरूद्ध का कहना है कि वर्तमान समय में कैन्सर , तनाव, अवसाद, अनिद्रा, पेट के रोग, जोड़ों के रोग, मोटापा ये सभी रोग खराब जीवन शैली का ही नतीजा हैं। खराब जीवन शैली से पैदा हुये रोगों का इलाज होम्योपैथ में सम्भव है। संगोष्ठी के वैज्ञानिक सत्रों में केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रवीन ओबरॉय अनियमित जीवन शैली से उत्पन्न रोगों के होम्योपैथिक प्रबन्धन पर नवीनतम शोध, लुधियाना के डॉ. मनप्रीत बिन्द्रा, हृदय रोगों के होम्योपैथी प्रबन्धन, आगरा के डॉ. पवन पारीख तनाव, अवसाद एवं अन्य मानसिक समस्याओं के प्रबन्धन, पंजाब के डॉ. सैय्यद तनवीर हुसैन कैन्सर एवं लिवर सिरोसिस आदि के प्रबन्धन पर जानकारी दी।
राजधानी के डॉ. पंकज श्रीवास्तव अनियमित जीवनशैली से हड्डी एवं जोड़ां की समस्याओं के प्रबन्धन पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। कार्यशाला के आयोजन मंडल में शामिल डा. अवधेश द्विवेदी ने बताया कि होम्योपैथी में शोध के अलावा नये अपडेट की आवश्यकता है।











