लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में स्टोर में लगी आग से लाखों रुपये की दवाएं, ग्लूकोज, गाज पट्टी व अन्य महत्वपूर्ण सामान रखा हुआ था, जो कि जल कर स्वाहा हो गया। आग को भले ही शार्ट सर्किट होने से हुई हो, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह घटना घटित हुई।
ट्रामा सेंटर के दूसरे तल पर आपदा प्रबधंन कक्ष के स्टोर में मरीजों की दवाएं, ग्लूकोज, गाज पट्टी व अन्य महत्वपूर्ण सामान रखा हुआ था। बताया जाता है मरीज के रिकार्ड के अलावा अन्य महत्वपूर्ण रिकार्ड भी वहां पर रखे हुए थे। इन्ही दवाओं व क्लीनिक सामान को मरीजों को आपूर्ति की जाती है। कल शाम को भी काफी संख्या में दवाएं आयी थी। सूत्र बताते है कि इन दवाओं को छह बजे के बाद तक स्टोर में रखवाया गया। इसके बाद स्टोर को बंद करके चले गये। बताते है कि स्टोर बंद होने के कुछ देर बाद ही धुंआ व आग दिखने लगी थी, आग पर नियंत्रण पाया जा सकता था, लेकि न धुंआ उठते ही हल्ला मचा कर भगदड़ मचा दी गयी।
वर्तमान में कुलपति प्रो. एमएल बी भट्ट ने दवाओं से लेकर अन्य क्लीनिक सामान की खरीद पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। इसके अलावा ट्रामा सेंटर की प्रशासनिक से लेकर अन्य व्यवस्था में भी परिवर्तन होने की आशंका बनी हुई थी। सूत्रों की माने तो दवाओं व क्लीनिक सामान के उपयोग में काफी गड़बड़ी थी, जिसका खुलासा होने की आशंका ज्यादा बढ़ती जा रही थी। प्राथमिक जांच में शार्ट सर्किट होने के कारण आग लगने का कारण बताया जा लेकिन अभी गहन जांच होना बाकी है। इसके अलावा एअरकंडीशन वाली लाइन भी ठीक थी। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक में चर्चा थी कि स्टोर में आग को बुझाने में लापरवाही क्यों गयी।












