लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में तीमारदार ने जूनियर डाक्टरों व नर्सिंग स्टाफ से मरीज का इलाज किया तो कम्प्यूटर पर फिल्म देखने मना करने पर जूनियर डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ नाराज हो गया आैर तीमारदार को कमरे में एक घंटा तक बंधक बना लिया। तीमारदार को बंधक बनाये जाने की सूचना मिलने पर ट्रामा सेंटर प्रशासन आनन-फानन में तीमारदार को छुड़ाया। इसके बाद उन्होंने डाक्टरों को बचाते हुए फिल्म देखने के नाम पर नर्सिंग स्टाफ को निलम्बित कर दिया, लेकिन तीमारदार पर भी आरोप लगाया दिया कि वह डाक्टरों पर मरीज के इलाज में लापरवाही व रेफर को निरस्त करने की मांग कर रहा था। हालांकि कुलपति ने घटना की जांच के निर्देश दे दिया है।
उन्नाव के रघुरा को सिर में चोट लगने के कारण 21 जून को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। आज मरीज की हालत में सुधार होने पर वापस उन्नाव के जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा था,ट्रामा सेंटर प्रशासन का आरोप है कि तीमारदार सर्वेश डाक्टरों पर लगातार मरीज को रोकने का अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, जब डाक्टरों ने बात नहीं मानी तो उसने डाक्टरों के ऊपर फिल्म देखने आैर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने लगा। इसके बाद वार्ड के अंदर वीडियो बनाने लगा। केजीएमयू प्रशासन ने अपनी पड़ताल में नर्सिंग स्टेशन पर स्टाफ नर्स संतोष कुमार को फिल्म देखने का आरोप बताते हुए निलम्बित कर दिया है।
उनका कहना है कि तीमारदार के साथ कोई मारपीट व बंधक बनाने की घटना नहीं हुई है। जब कि तीमारदार का कहना है कि मरीज को रेफर तो सुबह कर दिया गया था लेकिन मरीज को ले जाने से पहले तबियत बिगड़ गयी। इसके कारण डाक्टरों से इलाज का अनुरोध करने गये थे। जहां पर डाक्टर कम्प्यूटर पर फिल्म देख रहे थे। कई बार कहने पर भी नहीं सुन रहे थे। ज्यादा कहने पर गुस्से से कमरे में खींच कर बंद कर दिया। इसके करीब एक घंटे बाद पीआरओ ने आकर मुझे छुड़ाया। फिलहाल केजीएमयू कुलपति ने घटना की 48 घंटे में जांच कर रिपार्ट मांग ली है।












