लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की फार्मेसी से बुधवार को महिला मरीज को एक्सपायरी दवा दे दी गयी, जबकि मरीज को दी गयी दवा की बिलिंग के अनुसार दवा की एक्सपायरी सितम्बर 2017 में हो रही थी आैर दी गयी दवा दिसम्बर 2016 में एक्सपायरी हो चुकी थी। तीमारदार ने जब इसको लेकर हंगामा मचाया, तो उसे समझा बुझा कर शांत करा दिया गया आैर दवा को वापस ले लिया गया। बताया जाता है कि कई बार मरीजों को दी गयी दवा की बिलिंग में दर्ज दवा की एक्सपायरी दी गयी दवा से नही मिलती है। इसकी शिकायत संस्थान के अधिकारियों से करने के बाद भी अनसुनी कर दी जाती है।
संस्थान के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में भर्ती मरीज ने फार्मेसी से मल्टी विटामिन, एंटी अाक्सीडेंट व लोकल एनेस्थीसिया की दवा एनाविन को खरीदा। इन दवाओं की बिलिंग करके भुगतान कर दिया। इसके बाद जब उसने दवाओं को मिलान किया तो एनाविन लोकल एनेस्थीसिया में दिसम्बर 2016 डेट पड़ी हुई थी जब कि दिये गये बिल में सितम्बर 2017 पड़ा हुआ था आैर दवा का बैच नम्बर भी बदला हुआ था। जब तीमारदार ने इसकी शिकायत की तो पहली बार तो फार्मेसी के दुकानदार ने उल्टे दवा ही अपने यहां की होने से मना कर दिया, जब तीमारदार ने हंगामा किया तो तब कही जाकर दवा को बदल दिया। फिलहाल संस्थान ने मामले की जांच के निर्देश दे दिया है।












