14 मार्च से खरमास प्रारम्भ, नहीं होगें यह शुभ कार्य

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लखनऊ। सूर्य जब देवगुरु वृहस्पति की राशि में प्रवेश करते है तो खरमास लगता है, खरमास वर्ष में दो बार लगता है पहली बार धनु संक्रांति पर तो दूसरी बार मीन संक्रांति पर। धनु संक्रांति वाला खरमास लगभग 15 दिसंबर- 14 जनवरी में लगता है तो वहीं मीन संक्रांति वाला खरमास 14 मार्च-14 अप्रैल में लगता है। मार्च में मीन संक्रांति वाला खरमास लगने जा रहा है। ये खरमास में शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी।

स्वास्तिक ज्योतिष क्रेन्द्र ,अलीगंज ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल ने बताया कि ऐसे में विवाह आदि मांगिलक कार्य, यज्ञोपवीत, कर्ण छेदन , गृहप्रवेश, नया काम शुरू करना और नामकरण इत्यादि शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे। सूर्य देव 14 मार्च की देर रात 1 बजकर 8 मिनट पर मीन राशि में गोचर करेंगे, तब एक महीने के लिए खरमास लग जाएगा जिसकी समाप्ति 14 अप्रैल को होगी। 14 अप्रैल को सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे तब खरमास खत्म हो जाएगा।

खरमास में सूर्य देव की अराधना जरूर करनी चाहिए। पूर्वजों के लिए श्राद्ध करना शुभ माना जाता है। खरमास में जल का दान शुभ माना जाता है। इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान करना भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

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