केजीएमयू में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी

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​लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। केजीएमयू के मुख्य गेट (गेट नंबर-1) के सामने भारी संख्या में एकत्र हुए डॉक्टरों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “वी वांट जस्टिस” और “हमारी मांगें पूरी करो” के नारे लगाए। इंटर्न डॉक्टर अपने मौजूदा मासिक स्टाइपेंड ₹12,000 को बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह करने की मांग कर रहे हैं।

​19 गोल्ड मेडल विजेता डॉ. दीप्ति शर्मा भी उतरीं मैदान में
इस आंदोलन को उस समय बड़ा नैतिक समर्थन मिला, जब केजीएमयू के दीक्षांत समारोह में चांसलर और हीवेट गोल्ड मेडल सहित कुल 19 पदक अपने नाम करने वाली मेधावी छात्रा डॉ. दीप्ति शर्मा भी डॉक्टरों के साथ धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का तर्क है कि वर्तमान स्टाइपेंड उनकी बुनियादी जरूरतों और लगातार ड्यूटी के घंटों के लिहाज से बेहद कम है।

​प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों का मिला साथ
यह आंदोलन केवल केजीएमयू तक सीमित नहीं रहा। शनिवार से शुरू हुए इस प्रदर्शन में रविवार को भी डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान (RMLIMS), गोरखपुर और मेरठ समेत प्रदेश के कई अन्य राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि डॉक्टर शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में शासन-प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

​प्रशासन की सफाई: निर्णय शासन स्तर पर लंबित
केजीएमयू प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग से शासन स्तर के अधिकारियों को पहले ही अवगत कराया जा चुका है और इस पर अंतिम निर्णय सरकार को ही लेना है। प्रशासन का दावा है कि फिलहाल इस धरने से अस्पताल के दैनिक कामकाज और स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ा है।

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