लखनऊ। जिंक केवल दस्त की रोकथाम में ही नहीं काम आता है। बल्कि ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक खून में जिंक की अधिकता किसी भी कारण से होने वाली मौत के खतरे को कम करती है। इस नतीजे तक पहुंचने के लिए अध्ययनकर्ताओं ने सबसे पहले रूटीन कोरोनरी एंजियोग्राफी कराने वाले 3300 से भी ज्यादा मरीजों का सीरम जिंक कंसंट्रेशन मापा। फिर 7 साल से भी ज्यादा समय के बाद इनका फॉलोअप करने पर जो आंकड़े प्राप्त हुए उनका विश्लेषण करने पर पता चला कि जिन लोगों में सीरम जिंक का लेबल ज्यादा था, उनके कार्डियोवस्कुलर और नॉन कार्डियोवस्कुलर दोनों ही कारणों से मरने का खतरा कम था।
शोधकर्ताओं के अनुसार शरीर में जिंक से ज्यादा लेवल का संबंध ऐंटि-ऑक्सिडेंट के ज्यादा इंफ्लेमेशन पैदा करने वाले तत्व के कम लेवल से था। यानी कहा जा सकता है शरीर को स्वस्थ रखने के लिए रक्त में जिनका लेवल अधिक रहना जरूरी है आम तौर पर हमारे दिनचर्या में तिल चना मूंग नारियल प्याज के डंठल आदि में जिंक का बढ़िया स्रोत रहता है, परंतु युवा वर्ग फास्ट फूड कोल्ड ड्रिंक अन्य बाजार के खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहता है जबकि यह सब चीजें आमतौर पर घर में ही मौजूद रहती हैं विशेषज्ञों का मानना है अगर देसी खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाए तो शरीर में मिनरल्स और विटामिन के लिए गोलियों पर निर्भर नहीं रहना होगा।












