लखनऊ। कैंसर के बारे में अनेक भ्रांतियां हैं।
भ्रांन्ति: अगर व्यक्ति के परिवार में किसी को कैंसर नहीं है या पहले किसी को नहीं हुआ तो उसको भी कैंसर नहीं होगा।
तथ्य : यह जरूरी नहीं है। केवल 5 से 10 फीसद कैंसर आनुवंशिक होते है ,जबकि कुछ कैंसर व्यक्ति के पूरे जीवन में जेनेटिक परिवर्तनों के कारण होते हैं और कुछ पर्यावरण के कारण जैसे रेडियेशन और खाने की आदतों जैसे तम्बाकू का सेवन से होते हैं।
भ्रांन्ति : परिवार में किसी को कैंसर हुआ है तो आपको कैंसर अवश्य होगा।
तथ्य : परिवार में कैंसर होना उसके सदस्यों में कैंसर को विकसित करने की सम्भावना को बढ़ा देता है। केवल 5 से 10 फीसद कैंसर जींस में हानिकारक म्यूटेशन के कारण होते हैं, जो व्यक्ति को उसके पूर्वजों से मिलते हैं।
भ्रांन्ति :सेल फोन और सेल फोन के टावर्स कैंसर फैलाते हैं।
तथ्य : यह भी विवादित है । कैंसर जींस में म्यूटेशन के कारण होता है। सेल फोन्स से लो फ्रीक्वेंसी ऊर्जा की किरणें निकलती हैं, जो कैंसर का कारण नहीं हैं।
भ्रांति :हर्बल उत्पादों से कैंसर का इलाज होता है।
तथ्य : कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी के साइड इफ्केट्स में हर्बल उत्पादों के उपयोग की सलाह दी जाती है लेकिन ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जिसमें कैंसर के इलाज में हर्बल उत्पाद का उपयोग होता है।
भ्रान्ति : हेयर डाई और एंटीपर्सपिरेंट्स से कैंसर हो सकता है।
तथ्य : ऐसे कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है जिनसे यह ज्ञात हो कि उपरोक्त पदार्थ कैंसर के विकास में खतरा हैं।
भ्रांति : कृत्रिम स्वीटनर, फ्लेवर्स, खाने में डाले जाने वाले रंग वाले पदार्थ के उपयोग से कैंसर हो सकता है ।
तथ्य : शोधों से ऐसे कुछ परिणाम सामने नहीं आये हैं जिनसे यह पता चले कि उपरोक्त पदार्थों से कैंसर हो सकता है।












