लखनऊ। नवाबों के शहर में जहां रियासत के वजीरेआला व तमाम वजरा रहते है आैर महकमा इलाज में बेहतरी का दावा करता है। वहां स्वास्थ्य केन्द्रों व अस्पतालों में मरीजों को इलाज के दौरान दिये जाने वाले भोजन में घोटाला है। कहीं नाश्ते में दिये जाना वाला दूध कम है, तो कहीं सब्जी गायब कर दी जाती है। सीएमओ को रविवार को मोहनलालगंज व गोसाईगंज स्वास्थ्य केन्द्र में दूध व सब्जी कमी पायी है आैर कार्रवाई भी हो गयी। लेकिन यह तो बानगी है राजधानी के ज्यादातर स्वास्थ्य केद्रों आैर अस्पतालों में भोजन घोटाला चल रहा है। आश्चर्य है कि इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को होते हुए भी ठेके दार को भोजन का भुगतान कर दिया जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जीएस बाजपेयी ने रविवार को मोहनलाल गंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे। यहां पर देखा कि मरीजों को सुबह के नाश्ते में मात्र दो सौ ग्राम दूध का पैकेट दिया जा रहा था आैर उसके साथ चार ब्रोड दी जा रही थी,जबकि नियमानुसार 500 ग्राम दूध का पैकेट दिया जाता है आैर उसके साथ एक बन दिया जाता है। सीएमओ ने तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दे दिये है। इसी प्रकार गोसाईगंज स्वास्थ्य में मरीजों को दिये जाने वाले भोजन में सब्जी गायब थी। यहां पर मरीजों के तीमारदारों भोजन की क्वालिटी की शिकायत की। लोगों का कहना है कि यह तो एक बानगी है कि भोजन व नाश्ते में कमी पायी गयी है।
ज्यादातर स्वास्थ्य केन्द्रों व बाल महिला अस्पतालों में दिये जाने वाले भोजन व नाश्ते में कमी रहती है। कहीं कहीं तो नाश्ते में दूध का पैकेट देने की बजाय पालीथीन में दूध भरकर बांट दिया जाता है। खाने में भी कई चीजे गायब रहती है। इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं रहती है। फिर भी खाने के बजट को पास कर दिया जाता है। इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।