लखनऊ । उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोश टण्डन ने कहा कि कै सर संस्थान विश्वपटल पर उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थान बनेगा। इसके लिए लगातार कवायद की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने जल्दबाजी में अपने कार्यकाल के दौरान अंतिम दौर कैंसर संस्थान में रेडियोथिरेपी विभाग की स्थापना किये बिना ही उद्घाटन कर दिया था, जबकि कैंसर की बीमारी के इलाज में 60 से 70 प्रतिशत मरीजों में रेडियोथिरेपी की अहम भूमिका होती है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री टण्डन बृहस्पतिवार को कैंसर संस्थान में रेडियोथिरेपी विभाग के निर्माण के लिए भूमि पूजन के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
आशुतोष टण्डन ने कहा कि विश्वस्तरीय सुविधाओं से यह कैंसर संस्थान चिकित्सा पर्यटन का केन्द्र बनेगा। यहां पर उच्चस्तरीय चिकित्सा राष्ट्रीय तथा अंतराष्ट्रीय स्तर पर कैंसर रोगियों को आकर्षित करेगा, यहां पर विशेषज्ञ डाक्टरों के अलावा अन्य उच्चस्तरीय उपकरणों को स्थापित किया जा रहा है। इसका जिसका फायदा लोगों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार बनते ही सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के संसाधन, रेफ रल सेंटर बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी गयी है। इसके साथ ही मरीज के लिए बुनियादी सुविधाओं के मामलें में एक उत्कृष्ठ नवीनतम उपचार सुविधा युक्त विश्वस्तरीय कैंसर संस्थान के रूप में स्थापित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है।
श्री टंडन ने कहा कि लगातार हमारे प्रयासों से रेडिएशन आंकोलॉजी भवन में स्थापित की जाने वाली उपकरणों को स्थापित किये जाने तथा बंकरों के निर्माण के लिए परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (एईआरबी) मुम्बई के समक्ष अप्रैल 2017 में आवेदन किया गया था। इसके बाद हमारी सरकार के प्रयासों से नियामक संस्थान द्वारा सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान के रेडियेशन आंकोलोजी विभाग में स्थापित किये जाने वाले उपकरणों को स्थापित किये जाने तथा बंकरों के निर्माण हेतु अनुमति दिसम्बर 2017 में प्रदान कर दी गयी है। इसके निर्माण हेतु प्रस्तावित नक्शे को भी मंजूरी दे दिया गया है।
नियामक संस्था द्वारा रेडियेशन आंकोलोजी ब्लाक के निर्माण तथा मशीनों की स्थापना हेतु अनुमति प्राप्त होते ही अविलम्ब रेडिएशन आंकोलोजी ब्लाक के निर्माण का कार्य प्रारम्भ कराया जा रहा है। प्रथम चरण में एक साथ 08 रेडियेशन मशीनें स्थापित की जायेगी जिस हेतु निर्माण कार्य का शुभारम्भ आज से प्रारम्भ हो गया है। कैंसर संस्थान के निदेशक व केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने कहा कि कैंसर संस्थान से न केवल उत्तर प्रदेश के मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार की सुविधा प्राप्त होगी अपितु इसका फायदा उत्तर भारत के जनमानस को प्राप्त होगा।
संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. ब्रिगेडियर देश पाल ने बताया कि संस्थान में ओपीडी के अलावा अन्य उच्चस्तरीय उपकरणों को स्थापित करने के अलावा अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया।















