UP में First time कॉक्लियर डिसेक्शन के लिए 4डी रोबोटिक एक्सोस्कोप का उपयोग

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हेड व नैक सर्जरी विभाग द्वारा आयोजित व्यावहारिक कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यशाला

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लखनऊ।संजय गांधी पीजीआई का हेड व नैक सर्जरी विभाग द्वारा ओटोलैरिंगोलॉजिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से शानिवार से दो दिवसीय कॉक्लियर इम्प्लांट पर पहली व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें राज्य भर से 50 प्रतिनिधि और 15 विशेषज्ञ संकाय सदस्य भाग लेंगे, जिनमें ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच एंड लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ टेम्पोरल बोन डिसेक्शन के व्यावहारिक अभ्यास और कॉक्लियर इम्प्लांट के क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा आमंत्रित व्याख्यानों के साथ होगा। उत्तर प्रदेश राज्य में यह पहली बार है कि कॉक्लियर डिसेक्शन के लिए 4डी रोबोटिक एक्सोस्कोप का उपयोग किया जा रहा है।

हालाँकि हाल के समय में ओटोलॉजी और कॉक्लियर इम्प्लांटेशन में अभूतपूर्व प्रगति हुई है, फिर भी सभी के लिए श्रवण क्षमता सुनिश्चित करने के लिए अभी भी कई कमियाँ हैं जिन्हें दूर करना आवश्यक है। इस व्यावहारिक कार्यशाला के माध्यम से, सिर एवं गर्दन शल्य चिकित्सा विभाग का उद्देश्य इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवा शल्य चिकित्सकों को शिक्षित और सुसज्जित करना है। इस कार्यशाला में कॉक्लियर प्रत्यारोपण के सभी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, जिसमें रोगी की उपयुक्तता से लेकर शल्य चिकित्सा कौशल, श्रवण विज्ञान और पुनर्वास तक शामिल हैं।

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