लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया संस्थान में हॉस्पिटल ब्लॉक की ओल्ड इमरजेंसी के आईसीयू वार्ड मेंं शनिवार की सुबह चार बजे ऑक्सीजन की अचानक कमी हो गयी। इससे इलाज में आक्सीजन के सहारे सांसे ले रहे तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गयी। सुबह अचानक ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हुए तो अफरा-तफरी मच गई। कई अन्य मरीज भी गंभीर होने लगे तो आनन-फानन में संस्थान से आक्सीजन सिलेंडर मंगा कर लगायी। मौत के बाद मरीजों के परिजनों ने हंगामा करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें समझा बुझा कर शांत करा दिया गया। बताते है कि अस्पताल के डॉक्टर कई दिन से प्रशासनिक अधिकारियों को और आक्सीजन आपूर्ति करने वाली कंपनी को ऑक्सीजन सिलेंडर कम होने की जानकारी दे रहे थे। फिर भी समय से आक्सीजन आपूर्ति नहीं हो सकी। इमरजेंसी में दर्जनों मरीज नॉन कोविड और ट्रायज एरिया में कोविड के भर्ती हैं। संस्थान ने अपनी कमियों को छुपाते हुए कंपनी को नोटिस जारी कर दी है आैर जांच कमेटी बना दी है। इससे एक दिन पहले संस्थान के ही शहीद पथ स्थित कोविड हास्पिटल में आक्सीजन की कमी हो गयी थी। इसको किसी तरह दूर किया गया था।
लोहिया संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक की इमरजेंसी में गंभीर मरीजों का 54 बिस्तरों पर इलाज किया जाता है। यहां पर दस बिस्तर आइसीयू वॉर्ड में हैं। शुक्रवार की रात इमरजेंसी से लेकर आइसीयू वार्ड फु ल चल रहा था। आईसीयू वार्ड लगभग कोरोना संक्रमितों से फुल था। बताया जाता है कि बिस्तर की कमी होने के कारण कई मरीज होल्डिंग एरिया में स्ट्रेचर पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर चल रहे थे। बताया जा रहा है कि सुबह लगभग चार बजे अस्पताल ब्लॉक में ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होने से सूचना से अफरा-तफरी मच गई। गंभीर मरीजों की तेजी से तबियत बिगड़ने लगी। जब तक आक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की जाती, तब तक आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती तीन गंभीर मरीजों ने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि इनमें दो कोरोना के मरीज थे, जब कि तीसरे मरीज को कैंसर की बीमारी के साथ कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद तो ओल्ड इमरजेंसी में भगदड़ मच गयी। आनन-फानन में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाए गए। तब जाकर अन्य गंभीर मरीजों की जान बचायी जा सकी।
बताते है कि हॉस्पिटल ब्लॉक में ऑक्सीजन प्लांट नहीं होने से बाराबंकी की एक कंपनी ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति करती है। शुक्रवार को कंपनी ने एक प्लांट फेल बताकर ऑक्सीजन आपूर्ति नहीं कर पायी थी। इससे एक दिन पहले लोंिहया संस्थान के कोविड अस्पताल में आक्सीजन की कमी होने लगी थी। जिससे मरीजों की जान पर बन आयी थी। लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह ने कहना है कि आक्सीजन आपूर्ति करने वाली कंपनी को पहले ही अलर्ट किया गया था। मगर समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की गई। मरीजों की मौत होने के मामले में जांच कमेटी बना दी है।












