कॉर्नियल दान एवं प्रत्यारोपण तंत्र में जागरूकता के लिए Task Force का गठन

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लखनऊ । प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेते हुए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है।  इस अवसर पर अमित घोष अपर मुख्य सचिव द्वारा टास्क फोर्स के गठन की औपचारिक घोषणा भी की गई थी।

 

 

 

 

 

 

यह टास्क फोर्स राज्य में कॉर्नियल दान, आई बैंकिंग तथा कॉर्नियल प्रत्यारोपण की संपूर्ण व्यवस्था का मूल्यांकन कर उसे सुदृढ़ बनाने के लिए कार्य करेगी।

यह टास्क फोर्स प्रो. राजेश हर्षवर्धन, चिकित्सा अधीक्षक, एसजीपीजीआईएमएस एवं संयुक्त निदेशक, SOTTO-UP की अध्यक्षता में कार्य करेगी। इस समिति में प्रदेश के प्रमुख कॉर्नियल प्रत्यारोपण विशेषज्ञों एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के विभागाध्यक्षों को शामिल किया गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

डॉ. अल्का गुप्ता (एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ) को सह-अध्यक्ष, डॉ. शालिनी मोहन (जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर) को सदस्य सचिव तथा डॉ. शेफाली मजूमदार (एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा) को संयोजक नियुक्त किया गया है।

 

 

 

 

 

 

 

राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो दृष्टिहीनता से पीड़ित हैं, विशेषज्ञ सर्जनों की उपलब्धता के बावजूद, दाता कॉर्निया की मांग और आपूर्ति के बीच एक बड़ा अंतर बना हुआ है।

 

 

 

 

 

 

 

 

इस अंतर के प्रमुख कारणों में नेत्रदान के प्रति सीमित जन-जागरूकता, सामाजिक भ्रांतियां, तथा आई बैंकिंग प्रणाली में संरचनात्मक एवं परिचालन संबंधी चुनौतियां शामिल हैं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस टास्क फोर्स का गठन किया है, ताकि वर्तमान स्थिति का समग्र मूल्यांकन कर व्यावहारिक एवं प्रभावी समाधान सुझाए जा सकें।

*टास्क फोर्स के उद्देश्य*

टास्क फोर्स को कॉर्नियल दान एवं प्रत्यारोपण प्रणाली को सुदृढ़ करना है।

1. वर्तमान स्थिति का आकलन
राज्य में कॉर्नियल दान की दर, आई बैंकों के कार्यकलाप, प्रत्यारोपण की संख्या एवं उनके परिणामों का विस्तृत मूल्यांकन करना।

2. कमियों एवं बाधाओं की पहचान
ऐसे संस्थागत, परिचालन, लॉजिस्टिक एवं सामाजिक कारणों की पहचान करना, जो प्रभावी नेत्रदान एवं प्रत्यारोपण में बाधा उत्पन्न करते हैं।

3. नीतिगत सुझाव
कॉर्नियल दान तंत्र को सुदृढ़ करने, आई बैंकों की कार्यक्षमता बढ़ाने एवं प्रत्यारोपण दर में वृद्धि हेतु साक्ष्य-आधारित एवं व्यवहारिक नीतिगत सुझाव प्रस्तुत करना।

4. क्षमता निर्माण
स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने हेतु सुझाव देना।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस टास्क फ़ोर्स में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा शिक्षाविद, प्रशासक तथा राज्य के प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

सदस्यों का चयन प्रदेश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों, अस्पतालों एवं विशेष नेत्र चिकित्सा संस्थानों से किया गया है.

*कार्यक्षेत्र*

टास्क फोर्स कॉर्नियल दान एवं प्रत्यारोपण से संबंधित सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी, जिनमें शामिल हैं:

– राज्य में आई बैंकों का कार्य एवं उनका वितरण
– दाता कॉर्निया की उपलब्धता एवं उपयोग
– हॉस्पिटल कॉर्निया रिट्रीवल प्रोग्राम (HCRP) का क्रियान्वयन
– अंग एवं ऊतक दान से संबंधित विधिक एवं प्रक्रियात्मक ढांचा
– अस्पतालों, आई बैंकों एवं प्रत्यारोपण केंद्रों के बीच समन्वय

 

 

 

 

 

 

 

 

टास्क फोर्स द्वारा  प्रदेश सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इस टास्क फोर्स का गठन रोके जा सकने वाले अंधत्व को समाप्त करने एवं अंग एवं ऊतक दान को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की सक्रिय पहल को दर्शाता है।

 

 

 

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