सीरियल किलर भाइयों के शूटर सुनील शर्मा का इनकाउन्टर

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लखनऊ। बिहार से लेकर यूपी तक आतंक का दूसरा नाम बन चुका शातिर बदमाश व सीरिलय किलर भाईयों का शार्प शूटर सुनील शर्मा को राजधानी पुलिस ने एक इनकाउंटर में मार गिराया। आरोपी सुनील एक महीने पहले पेशी के दौरान पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। हिस्ट्रीशीटर सुनील अपनी प्रेमिका से मिलने लखनऊ आ रहा था तभी पुलिस से उसकी मुठभेड़ हो गई। आरोपी के पास मुंगेर की दो पिस्टल, कारतूस व एक बैग मिला। पुलिस ने आरोपी की बगैर न बर की बाइक भी कब्जे में कर ली है।

मूलरूप से बिहार के सीवान जिले में रहने वाला सुनील शर्मा अपराध की दुनिया मेें जिस तेजी से बढ़ रहा था। उसी अंदाज में राजधानी की पुलिस ने उसे इनकाउंटर में ढ़ेर कर दिया। सुनील शर्मा ८ अगस्त 2017 में पेशी के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। तब से पुलिस को उसकी तलाश थी। उधर राजधानी पुलिस को भनक लगी कि सुनील शर्मा राजधानी में रहने वाली अपनी प्रेमिका से मिलने अपने एक साथी के साथ आ रहा है। इस पर एसएसपी दीपक कुमार ने गाजीपुर इंस्पेक्टर गिरजा शंकर त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस की चार टीमें गठित कर सुनील शर्मा को दबोचने की योजना बनाई। इसी बीच पुलिस को मुखबिरों और सर्विलांस से जानकारी हुई कि सुनील शर्मा शुक्रवार तड़के शहीद पथ के रास्ते बाइक से राजधानी पहुंच रहा है।

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सूचना पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर सुनील शर्मा को गोमतीनगर विस्तार के पास घेर लिया। इस पर सुनील शर्मा ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन चारों तरफ से घिरे सुनील शर्मा की कोई भी तरकीब काम नहीं आयी। दोनों तरफ से चल रही जवाबी कार्रवाई में सुनील शर्मा के सीने में एक गोली लगी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मुंगेर की दो पिस्टल, कारतूस, और एक बैग बरामद किया। जबकि पुलिस ने उसकी बाइक भी कब्जे में कर ली है

फरार होने के बाद कई बार आया था राजधानी

बताया जाता है कि शार्प शूटर सुनील शर्मा राजधानी के एक होटल में काम करने वाली युवती से प्रेम करता था। सुनील अक्सर उससे फोन पर बात करता था। यहां तक कि पेशी के दौरान फरार हुआ सुनील शर्मा इस बीच कई बार राजधानी आकर उससे मिल चुका था। लेकिन किसी को भी इसकी भनक तक नहीं लगी।

सर्विलांस की भूमिका रही अहम

शार्प शूटर सुनील शर्मा को पकडने में सर्विलांस की भूमिका सबसे अहम रही। बताया जाता है कि पुलिस सर्विलांस टीम को इस बात की जानकारी हो गई थी कि सुनील शर्मा किसी लड़की से बात करता है। इसके बाद उस लड़की के नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया गया। सुनील हमेशा नंबर बदल कर लड़की को फोन करता था। आखिरी बार भी सुनील ने प्रेमिका को फोन कर उससे मिलने आने की बात कही थी जिसके बाद पुलिस ने उसका इनकाउंटर कर दिया।

सात घंटे इंतजार में बैठी रही पुलिस

सुनील शर्मा के राजधानी आने की खबर मिलते ही पुलिस टीमें पहले से ही उसके रास्ते में जाल बिछाकर बैठ गई। बताया जाता है कि करीब सात घंटे पहले ही पुलिस ने शहीद पथ के हर रास्ते को घेर लिया था। सुबह करीब पांच बजे जैसे ही सुनील शर्मा गोमतीनगर विस्तार स्थित स्टेडियम पहुंचा तभी पुलिस से उसकी मुठभेड़ हो गई।

व्यापारी से रंगदारी मांगने के बाद से पुलिस और हो गई थी सतर्क

पेशी से भागने के बाद सुनील शर्मा ने कृष्णानगर के रहने वाले व्यापारी अजय रस्तोगी से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने सुनील शर्मा के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था। तभी से सुनील शर्मा को दबोचने के लिए पुलिस और सतर्क हो गई थी।

कुख्यात अपराधी के आतंक से नहीं मिल रहा था गवाह

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि कु यात सुनील शर्मा का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा था। सुनील की गिर तारी के लिए पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन ने 1500 रुपये का इनाम घोषित किया था। सुनील ने कैण्ट इलाके में पार्षद पप्पू पाण्डेय की सरेआम हत्या कर दी थी। सुनील राजधानी पुलिस के लिए चुनौती बन गया था। सुनील की दहशत के सामने कोई भी न्यायालय में गवाही देने के लिए तैयार नहीं था। जिसके चलते पुलिस की मुश्किलें और भी बढ़ गई थी।

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