तीन सदस्यीय टीम करेगी महाजांच
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शासन ने सील हो चुके अस्पतालों को नए नामों से दोबारा चालू करने और मरीजों की जेब पर डाका डालने वाले गिरोह पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर लखनऊ, कानपुर और उन्नाव का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें सील किए गए चिकित्सालयों को नए नाम से चलाए जाने और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए थे। शासन ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए महानिदेशालय स्तर पर तीन सदस्यीय जांच टीम के गठन का फरमान जारी कर दिया है।
एक हफ्ते में मांगी जांच रिपोर्ट, कस सकता है गाज का शिकंजा
प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि गठित जांच टीम से पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष पड़ताल कराई जाए। शासन ने सख्त लहजे में कहा है कि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के साथ ही दोषी पाए जाने वाले अस्पताल संचालकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया जाए।
”स्वास्थ्य से खिलवाड़ और छवि धूमिल करना बर्दाश्त नहीं”
शासकीय निर्देशों में साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मानकविहीन अस्पतालों का अवैध संचालन किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगा।
सील अस्पतालों को नया रूप देकर चलाना,
मरीजों से मोटी रकम की अवैध वसूली करना, और
इस पूरे नेटवर्क में पर्दे के पीछे शामिल होना…
…इनमें से किसी भी स्तर पर संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ गैंगस्टर या कठोर कानूनी धाराओं में कार्रवाई तय है। शासन ने अधिकारियों को भी सख्त हिदायत दी है कि सरकार की साख को बट्टा लगाने वाले ऐसे मामलों में ढिलाई न बरतें और जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाएं।












