लखनऊ । किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के पूर्व विभाग प्रमुख प्रो. राजेंद्र प्रसाद को पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा राजधानी के आयुर्वेदाचार्य केके ठकराल को भी पद्मश्री अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा।
केजीएमयू के पूर्व विभाग प्रमुख डॉ. राजेंद्र प्रसाद का पल्मोनरी मेडिसिन क्षेत्र में योगदान बहुत है। डा . राजेंद्र प्रसाद का बीड़ी से फेफड़ों होने वाले नुकसान का महत्वपूर्ण शोध है। पल्मोनरी मेडिसिन को नहीं दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद को भी इन्होंने पढ़ाया है।
प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कुल 12 किताबें लिखी हैं। इनमें से चार टीबी है। उन्हें साल 2016 में डॉ. बीसी रॉय अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। वो KGMU के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख के अलावा दिल्ली के वीपी चेस्ट इंस्टीट्यूट और सैफई मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर भी रह चुके है। मौजूदा समय एरा मेडिकल कॉलेज के निदेशक मेडिकल एजुकेशन व पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख है।
इसके अलावा डॉ. केके ठकराल लखनऊ के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के भूतपूर्व प्रधानाचार्य हैं। वह आयुर्वेदिक सेवाएं के भूतपूर्व निदेशक भी रहे हैं। क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा के विशेषज्ञ हैं।














