लखनऊ। प्रदेश में पहली बच्चोंं में एनेस्थिसिया तकनीक का प्रयोग पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में विदेश से आये विशेषज्ञ एनेस्थिसिया तकनीक पर जानकारी देंगे। यह जानकारी केजीएमयू के एनेस्थिसिया विभाग के डा. जीपी सिंह ने पत्रकार वार्ता में दी।
डा . सिंह ने बताया कि बच्चों में अलग- अलग अंगों की सर्जरी के अनुसार की एनेस्थिसिया दिया जाता है। इसमें अलग अलग तकनीक होती है आैर सर्जरी के दौरान विशेष ध्यान रखा जाता है। राष्ट़ीय स्तर पर पैडियाट्रिक एनेस्थिसिया कार्यशाला आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर,आष्ट्रेलिया, इटली,न्यूजीलैंड आदि से विशेषज्ञ डाक्टर जानकारी देंगे।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्घाटन केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत करेंगे। इसमें देश विदेश के डाक्टर बच्चों को एनेस्थिसिया देने की तकनीक व अन्य जानकारी देंेगे। उन्होंने बताया कि नवजात शिशु से लेकर 13 वर्ष तक के बच्चों में एनेस्थिसिया देना एक विशेष प्रकार की विधा है।
सर्जरी के दौरान बच्चों को डोज का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। प्रत्येक प्रकार की सर्जरी में विधा बदल जाती है। ऐसे में डाक्टरों को एनेस्थिसिया दिये जाने की जानकारी आवश्यक है। कार्यशाला में आयोजक डा. वीके भाटिया,डा. अनिता मलिक है।















