लखनऊ। दो लाख रुपये दे दो नही तो तुम्हारे बेटे को गोली मार दूँगा। कुछ ऐसी ही धमकियाँ वजीरगंज इलाके के बुलेट मिस्त्री नूर मोहम्मद को कई दिनों से मिल रही थी। डरे सहमे नूर ने पुलिस को मामले से अवगत कराया और वजीरगंज पुलिस को रंगदारी मांगने वाले आरोपी को पकड़ने में सफलता भी प्राप्त हुई है। गिरफ्तार आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल व दो सिम कार्ड भी बरामद हुए है। वजीरगंज इलाके के कैसरबाग बस अड्डे के पास बुलेट रिपेयरिंग की दुकान करने वाले नूर मोहम्मद के मुताबिक बीते कुछ दिनों से उसके फोन पर अलग अलग नम्बरो से कॉल की गई। कॉल करने वाले शख्स का कहना था कि अगर अपने बेटों की सलामती चाहते हो तो दो लाख रुपये शहीद स्मारक के पास भेज दो और न भेजने की स्थिति में बेटो को गोली मार दी जायेगी।
पीड़ित नूर ने वजीरगंज कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। गुरुवार को नूर को फिर से धमकी मिली तो उसने चौकी इंचार्ज हाता जगदीश पांडेय को घटना से अवगत कराया। इस पर जगदीश पांडेय ने टीम गठित की और शहीद स्मारक के पास सादे कपड़ो में पहुँच गए। वहां खड़े आरोपी को आवाज दी तो उसने भागने की कोशिश की जिस पर दारोगा जगदीश पांडेय ने अपने सहयोगी सिपाही की मदद से दौड़ाकर पकड़ लिया। गिरफ़्तार आरोपी की पहचान मो हामद उर्फ़ परवेज रिजवी पुत्र सैय्यद अली निवासी अंगूरी बाग़ सआदतगंज के रूप में हुई है।
पुलिस को नचा रहा था आरोपी
चौकी इंचार्ज हाता जगदीश पांडेय ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए अपराध का सहारा लेना चाहा। यही नही बल्कि आरोपी हामद पुलिस को भी गुमराह कर रहा था। हर बार कॉल करने पर वह एक नए सिम कार्ड का प्रयोग करता था। पूरी घटना में आरोपी ने चार सिम कार्ड का प्रयोग करने की बात कही है। बार बार सिम कार्ड बदलने से उसकी पुख्ता लोकेशन भी नही मिल पा रही थी।















