PGI : हेड इंजरी के प्रति जागरूक करते हुए निकाला वॉकाथॉन

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मस्तिष्क चोट जागरूकता दिवस 2026 – वॉकाथॉन
न्यूरोसर्जरी विभाग ,पीजीआई

 

 

 

 

 

 

 

 

 

लखनऊ। PGI के न्यूरोसर्जरी विभाग ने विश्व मस्तिष्क चोट जागरूकता दिवस 2026 के अवसर पर आज सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और सिर की चोटों की रोकथाम के प्रति जागरूकता फैलाने के  लिए वॉकाथॉन का आयोजन किया गया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इस कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों—फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं—ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो संस्थान की जनस्वास्थ्य के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक पद्मश्री डॉ. राधा कृष्ण धीमन द्वारा किया गया, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन की महत्ता को और बढ़ाया। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सौमेन कंजीलाल (आयोजन सचिव) एवं डॉ. श्रेयश राय (सह-आयोजन सचिव) द्वारा, डॉ. वेद प्रकाश मौर्य एवं डॉ. पवन कुमार वर्मा के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में किया गया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख प्रो अरुण कुमार श्रीवास्तव का संबोधन रहा। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख लोग गंभीर सिर की चोटों का शिकार होते हैं, जिनमें से लगभग 50% को दीर्घकालिक या स्थायी विकलांगता का सामना करना पड़ता है।

 

 

 

 

 

 

 

 

सभा को संबोधित करते हुए निदेशक डॉ. राधा कृष्ण धीमान ने अपने दोपहिया वाहन चलाते समय हुए एक सड़क दुर्घटना के व्यक्तिगत अनुभव को साझा किया। उन्होंने हेलमेट के नियमित उपयोग को दृढ़ता से प्रोत्साहित किया और इसे जीवन रक्षक उपाय के रूप में बताया, जो सिर की चोटों की गंभीरता को काफी हद तक कम कर सकता है।

 

 

 

 

न्यूरोसर्जरी विभाग के अध्यक्ष, प्रो अवधेश कुमार जायसवाल ने भी सड़क सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रतिभागियों और आम जनता से वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से बचने का आग्रह किया, चाहे वह हैंड्स-फ्री डिवाइस ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि ध्यान भटकना और एकाग्रता में कमी दुर्घटनाओं के जोखिम को काफी बढ़ा देती है, जिससे ऐसी आदतें अत्यंत खतरनाक साबित होती हैं। वॉकाथॉन का शुभारंभ निदेशक, SGPGIMS के नेतृत्व में अत्यंत उत्साह के साथ हुआ और यह वृंदावन गेट तक पहुंचा।  गंतव्य स्थल पर यातायात पुलिस के सहयोग से एक संयुक्त पहल की गई, जिसमें बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चला रहे लोगों को जोखिमों के प्रति जागरूक किया गया तथा उन्हें सुरक्षित व्यवहार को प्रोत्साहित करने हेतु नए हेलमेट वितरित किए गए।
सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, यातायात नियमों का पालन करने वाले लोगों को उन्हें उनके जिम्मेदार आचरण के लिए लाल गुलाब भेंट किए गए। यह आयोजन जागरूकता, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा।  न्यूरोसर्जरी विभाग, SGPGIMS, सुरक्षित सड़कों और स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है।

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