पेन क्लीनिक ओपीडी समय पर पहुंचने पर चीरे से बचना सम्भव
लखनऊ। बच्चों से लेकर बड़े लोग लगातार कम्प्यूटर या मोबाइल का प्रयोग ज्यादा समय तक करने पर सिर दर्द, गर्दन का दर्द और चेहरे का दर्द बहुत सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं बनती जा रही हैं ऐसे में अब समय पर पेन क्लीनिक की ओ पी डी में पहुंच जाते तो मरीज को बिना चीर लगायें इलाज संभव है। यह जानकारी संजय गांधी पी जी आई में दो दिवसीय SPARK 2026 कार्यशाला में प्रो संदीप खूबा ने दी।
इस अवसर पर इंडियन सोसाइटी आफ इंडिया पेन क्लीनिक के जनरल सेक्रेटरी डॉ अजीत ने बताया कि 50 उम्र के पार वालों में 60 से 90 प्रतिशत लोग को सिर दर्द, गर्दन के पीछे दर्द की शिकायत रहती हैं।एक अन्य महत्वपूर्ण लेकिन कम पाया जाने वाला रोग ट्राइजेमिनल न्यूरालिज्या हैं।यह 1% से भी कम लोगों में होता हैं, लेकिन इसमें चेहरे में बहुत तेज और असहनीय दर्द होता हैं , जिससे रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
इसके अलावा सर्वाइकोजेनिक headache,जो गर्दन की हड्डियों (सर्वाइकल स्पाइन) की समस्या से होता है, अक्सर सही तरीके से पहचाना नहीं जाता और इसे दूसरे प्रकार के Headache समझ लिया जाता हैं। कुछ अन्य बीमारियां ट्राइजेमिनल न्यूरालिज्या जैसी लग सकती हैं, जैसे ट्राइजेमिनल न्यूरोपैथी और एटिपिकल फेसियल पेन। इसलिए सही निदान बहुत जरूरी है।जिन मरीजों को सामान्य दवाइयों से आराम नहीं मिलता, उनके लिए स्फैनोपैलेटाइन गै गैन्ग्लियन ब्लाॅक और रेडियोफ्रीक्वेंसी लेजनिंग जैसे आधुनिक दर्द उपचार से राहत मिल सकती हैं। गोरखपुर एम्स के डाक्टर रजित ने दर्द के लिए दवाये आ गई हैं उसको दवा से न फायदा होने पर इंजेक्शन से नस को ब्लाक कर देते हैं और दर्द से राहत मिल जाता हैं।
त्रिवेंद्रम ब्रिक्स अस्पताल की डॉ विनिता ने कहा कि 99 प्रतिशत लोगों को एक इंजेक्शन से ही दर्द की शिकायत दूर हो सकती। पहले मरीज का एक्स-रे करके पता लगाते हैं कि उसको दर्द कहा पर हो रहा है परीक्षण में जानकारी के बाद उसको उस जगह की नस पर इंजेक्शन से शून्य कर देते हैं और उसको दर्द से राहत प्रदान हो जाती हैं।किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की डॉ सरिता सिंह ने बताया कि पी जी आई की पेन क्लीनिक के कार्यशाला से लोगों का दर्द निवारक रोगों को सही जानकारी प्राप्त होने पर ही एम ई का आयोजित होने पेन क्लीनिक में इलाज की नई- नई विधियों की जानकारी प्राप्त होती हैं।












