14 अप्रैल को सूर्य की मेष संक्रांति खरमास होंगे समाप्त, 15 अप्रैल से गूंजेगी शहनाई
लखनऊ। 14 मार्च से सूर्य के मीन राशि में जाने से खरमास के चलते विवाह व अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लगा था। अब 14 अप्रैल को दिन में 11:45 पर सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश कर जायेंगे और खरमास समाप्त हो जायेगा ।

स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज के ज्योतिषाचार्य एस.एस.नागपाल ने बताया कि 15 अप्रैल से विवाह मुहूर्त मिलेंगे, इस वर्ष अधिक ज्येष्ठ मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। अधिक मास में विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। प्रत्येक वर्ष चंद्र कैलेंडर 354 दिनों का होता है, जबकि सूर्य कैलेंडर 365 दिनों का होता है। अधिक मास 32 महीने और 16 दिन बाद आता है। इन दोनों के अंतर को संतुलित करने के लिए पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है।
इसे ही अधिक मास या पुरषोतम मास या मलमास कहते हैं। ज्योतिषाचार्य नागपाल जी ने बताया 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी होगी और चातुर्मास प्रारम्भ होगा विवाह कार्य रुक जायेंगे और 20 नवम्बर को देवउठनी एकादशी के बाद विवाह कार्य होंगे।
पंचांग के अनुसार विवाह मुहूर्त- अप्रैल -15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 27, 28, 29 मई -1,3 , 5 ,6, 7, 8 , 13, 14 जून -21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 जुलाई -1, 6, 7, 11, 12 नवम्बर -21, 24, 25, 26 दिसंबर -2, 3 , 4, 5,6 हैं।












