लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में बुधवार की दोपहर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। यूजी हास्टल की इस घटना से केजीएमयू में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में डाक्टरों व साथियों ने छात्रा की हालत गंभीर देखते हुए क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया है। डाक्टरों के अनुसार छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई है।
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना बुधवार दोपहर की है। गाजियाबाद निवासी यह छात्रा यूजी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती है। बताया जाता है कि बुधवार को दोपहर क्लास के बाद सभी छात्राएं मेस में खाना खाने जा रही थी।
यह छात्रा अपने साथियों से बोली कि बाद में खाना खाने आ रही हूं। यह बात कहकर सीधे हॉस्टल में अपने कमरे पर आ चली गयी थी। इसी बीच दूसरी सहेली छात्रा के पास इस छात्रा के पिता का फोन आया। वह काफी परेशान से लग रहे थे आैर उन्होंने छात्रा द्वारा फोन न उठाने की बात कहते हुए चिंता जतायी। इस पर दूसरी छात्रा पिता से बात कराने के लिए उसके कमरे पर पहुंची। वहां दरवाजा बंद था। घटघटाने पर जब नहीं खुला, तो उसने झांककर देखा तो छात्रा ने दुपट्टे से फांसी लगा रखी थी। वह घबरा गयी अौर शोर मचाने लगी। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़कर फांसी लगा रखी छात्रा को निकाला। वहां से निकालकर तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। बताया जाता है कि उसकी पल्स चल रही थी। डाक्टरों ने जांच के बाद छात्रा की हालत गंभीर बतायी। इसके बाद उसे क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कर लिया है।
केजीएमयू प्रवक्ता डा. सुधीर ने बताया कि छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास क्यों किया है, इस बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय कोई परीक्षा का समय नहीं है। ऐसे में परीक्षा का तनाव वाली बात होने की संभावना कम है। ऐसी स्थिति में पारिवारिक या फिर व्यक्तिगत वजह ही आत्महत्या के प्रयास की वजह हो सकती हैं। छात्रा के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।















