लखनऊ। हैलो… यह केजीएमयू का एफएम रेडियो स्टेशन है…. जब यह लाइन केजीएमयू रेडियो स्टेशन से रेडियोजॉकी (आरजे) बोलेगा, तो रेडियों पर म्यूजिक नहीं विश्वस्तर पर अपनी प्रतिभा की पताका फहरा चुके विशेषज्ञ डाक्टर बीमारी के कारण व उससे बचाव की जानकारी दे रहे होंगे, जो कि आम तौर पर कम सुनने को मिलती है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लगभग तीन महीने बाद फरवरी 2020 से एफएम रेडियो शुरू करने जा रहा है, शुरू आती दौर में इसकी फ्रिंक्वेंसीं 30 किलोमीटर के दायरें में लोग सुन सकेंगे। एफ एम रेडियो स्टेशन शुरू होने पर उत्तर भारत का पहला कम्युनिटी रेडियो एफएम स्थापित करने का रिकार्ड भी केजीएमयू बना लेगा। केजीएमयू प्रशासन अपने इस रेडियो स्टेशन का उद्घाटन मुख्यमंत्री व राज्यपाल से कराने पर विचार कर रहा है।
यह एफएम रेडियो स्टेशन शुरु में शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक स्वास्थ्य सम्बधी जानकारी देते हुए लोेगों केा बीमारियों के कारण व उनसे बचाव के लिए जागरूक करेंगा। यहीं नहीं विभिन्न विभागों से विशेषज्ञ डाक्टरों का साक्षात्कार भी प्रसारित किया जाएगा। इसके बाद प्रतिदिन 12 घंटे तक उपयोगी कार्यक्रमों का प्रसारण करने की योजना है।
लगभग दो वर्ष से केजीएमयू प्रशासन लगातार यह प्रयासरत था कि अपना एक कम्युनिटी एफएम रेडियो स्टेशन बनाया जाए। अथक प्रयास के बाद केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय से इस रेडियो की स्थापना के लिए हरी झंडी मिल गयी है तथा इसको फ्रिकवेंसी भी निर्धारित कर दी गयी है ।
केजीएमयू कार्य परिषद में भी इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद कुलपति प्रो एम एल बी भट्ट ने सर्जरी विभाग के वरिष्ठ प्रो. विनोद जैन को इसका कार्यकारी अधिकारी बनाया है। इसके संचालन के लिए अथक प्रयास करने वाले प्रो विनोद जैन ने बताया केजीएमयू में प्रतिदिन लगभग सात हजार मरीज आते हैं। इनमें देखा जाए तो लगभग 30 प्रतिशत लोग ऐसी सीजनल डिजीज की चपेट में होते हैं, इन बीमारियों में जागरूकता व सावधानी बरतकर बचा जा सकता है।
इसके अलावा यहां के विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डाक्टर जीवनशैली आैर दिनचर्या में बदलाव करके स्वस्थ बने रहने की जानकारी देंगे। आयुष विभाग के डाक्टर छोटी -मोटी बीमारियों को ठीक करने के देसी उपाय आैर घरेलू नुस्खे भी बताएंगे।
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के इंटरव्यू, केजीएमयू न्यूज बुलेटिन द्वारा दी जा रही सुविधाएं आैर भविष्य की योजनाएं, विशेषज्ञों के व्याख्यान आैर अन्य संबद्ध कार्यक्रम भी एमएफ रेडियों की प्रसारण कि ये जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रेरक गीत संगीत आैर धार्मिक कार्यक्रम भी प्रसारित किये जाने के पस्ताव है।
प्रो. जैन ने बताया कि दो महीने में रेडियों के लिए प्लेट फार्म तैयार करने के साथ ही आउटसोर्सिंग से तकनीकी स्टाफ व आर जे की भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में विभिन्न वार्डो के गलियारों आैर ओपीडी में छोटे – छोटे स्पीकर लगाए जाएंगे, ताकि रेडियो से प्रसारित होने वाली कार्यक्रम तीमारदार मरीज आैर सभी व्यक्ति सुन सकें। उन्होंने दावा किया कि उत्तर भारत के किसी भी चिकित्सा संस्थान में कम्युनिटी रेडियो एफएम स्थापित करने का यह अपनी तरह का पहला प्रयास है।
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