लखनऊ । प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि प्रदेश की चिकित्सा सेवाएं आईसीयू में थी। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाआंे ठीक करके पटरी पर लाना शुरू कर दिया है। श्री सिंह बृहस्पतिवार को पब्लिक हेल्थ इन यूपी : चेलेन्ज एंड सोलेश्यूसन कार्यशाला में सम्बोधित कर रहे थे। होटल क्लार्क अवध में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन स्वास्थ्य राज्य मंत्री महेन्द्र सिंह ने किया। कार्यक्रम में मेंधाता मेडिसिटी के चेयरमैन एवं वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट विशेषज्ञ नरेश त्रेहन सहित अन्य विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सुधार में लाने के परामर्श दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश की चिकित्सा सेवाओं को सुधारने का काम शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम व्यक्ति तक इलाज मुहैया कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकारी , डाक्टर व कर्मचारी वही है। तेजी से काम हो रहा है। कुछ दिनों पहले चलाये गये जेई टीकाकरण में लक्ष्य से ज्यादा बच्चों तक टीका लगाने में सफलता प्राप्त कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में जहां चिकित्सा सुविधा नहीं है। वहां पर मोबाइल मेडिकल यूनिट से चिकित्सा सुविधा पहुंचायी जा रही है। जल्द ही दूर दराज क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञों के परामर्श सेवाये पहुंचायी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश को चार भागों में विभाजित करके एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करके पीपीपी मॉडल पर व्यवस्था को संचालन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग ग्यारह करोड़ जनता सरकारी अस्पतालों से ही इलाज कराती है। ऐसे में सभी को बेहतर इलाज दिलाना बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जून महीना आते ही तबादला का कारोबार शुरु हो जाता था, पर स्वास्थ्य नीति को लागू करके पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया गया है। प्रदेश में डाक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को देखते हुए जल्द ही वॉक इन इंटरव्यू करके भर्ती किया जाएगा। इससे पहले स्वास्थ्य राज्यमंत्री महेन्द्र सिंह ने कहा कि मजबूत राष्ट्र के लिए स्वस्थ्य नागरिक होना आवश्यक है।
उन्हांेने कहा कि प्रदेश में जनसंख्या के सापेक्ष सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की संख्या काफी कम है। कार्यशाला में भारता सरकार के संयुक्त सचिव डा. के राजेश्वर राव ने कहा समस्याओं के निदान के लिए सुझाव दिये। प्रमुख सचिव प्रशांत द्विवेदी चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सहित अन्य वरिष्ठ डाक्टर मौजूद थे।