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लखनऊ। राजधानी के सीएमओ पर निजी अस्पतालों की जांच के नाम पर वसूली का आरोप लगा है। यह आरोप प्रदेश के सत्तारूढ़ पार्टी के रूदौली से विधायक रामचन्द्र यादव ने लगाये हैं। विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में लखनऊ के सीएमओ को पद से हटाकर उनके खिलाफ जांच की मांग की है। साथ ही उस पत्र में सीएमओ की पत्नी पर निशाना साधा गया है। पत्र में कहा गया है कि सीएमओ की पत्नी चिकित्सक न होते हुए भी सरकारी व प्राईवेट अस्पतालों में पूरा दखल रखती हैं। इनके द्वारा प्राईवेट अस्पतालों के खिलाफ शिकायतें करवाई जाती हैं और फि र छापा मारकर पैसा भी वसूल करते हैं। इसके बाद सौदेबाजी कर अस्पतालों को क्लीनचिट दे देते हैं। विधायक का कहना है कि सीएमओ लगातार छापा मार रहे हैं इसके बावजूद व्यवस्थाएं जस की तस बनी हुई हैं।
विधायक ने दवा खरीद व वितरण में भी धांधली का आरोप लगाया है। सीएमओ कार्यालय को लूट का अड्डा बना लिया है। क्लीनिक पर छापा मारकर संबंधित चिकित्सक को सीएमओ कार्यालय बुलाया जाता है और यहीं पर सेटिंग की जाती है। सीएमओ ने पैसा लेकर कई मलाईदार पदों पर अयोग्य व्यक्तियों को बैठाया है जबकि ईमानदार कर्मचारी किनारेे किये गये हैं।
भाजपा विधायक रामचन्द्र यादव ने कहा कि सीएमओ को छोड़ा नहीं जायेगा। उनकी जांच करवाई जायेगी। इस प्रकार भष्ट अधिकारी सरकार को बदनाम कर रहे हैं। अनु सचिव जे.एल. यादव ने ३० नवम्बर को विधायक द्वारा की गयी शिकायत का संज्ञान लेते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा. पदमाकर सिंह को पत्र लिखकर जांच कर आख्या देने को कहा था। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. पदमाकर सिंह ने बताया कि लखनऊ एडी को हमने जांच अधिकारी बना दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाये जाने पर सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। वहीं लखनऊ के सीएमओ डा. जीएस बाजपेई कि माने तो उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।














