लखनऊ। शरीर में बढ़ता कोलेस्ट्राल आपके दिल को ही नहीं बल्कि सेक्सुअल लाइफ को भी प्रभावित कर सकता है। कोलेस्ट्राल हार्ट की कोरोनरी आर्टरी में जमा होता है वैसे ही पेनिश की पिनायल आर्टरी में भी जमा सकता है अौर पेनिश के तनाव में कमी का कारण बन सकता है। इसकी वजह लोग खुद तनाव में आकर नीक हकीम या बाजारु दवा का सेवन करने लगते है।
यह जानकारी शनिवार को पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीटि¬ूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च चंडीगढ के मानसिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डा. अजीत अवस्थी ने किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मानसिक रोग विभाग के स्थापना दिवस समारोह में दी। कार्यक्रम का उद्घाटन केजीएमयू कुलपति प्रो. रविकांत ने किया।
डा. अवस्थी ने कहा कि कोलेस्ट्राल के बढ़ने के कारण पेनिश की पिनायल आर्टरी में कोलेस्ट्राल का जमाव बढ़ जाता है। इसके कारण ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो जाता है।
इस बीमारी को इथोरोसलोसिस डिसआर्डर कहते है –
इसके कारण तनाव समाप्त हो जाता है। इसका इलाज आसान है लेकिन नीम हकीम का इलाज करके शरीर में कई नयी दिक्कतों को बढ़ा लेते है। उन्होंने कहा कि बदलते वक्त में सेक्सुअल डिशआर्डर बढ़े है। इनमें ज्यादातर मामले तनाव के कारण होते है, जिनको मनो चिकित्सक काउंसलिंग व दैनिक दिन चर्या में सुधार करके ठीक कर सकता है, पर लोग बाजार में बिकने वाली दवाओं व क्रीम पर ज्यादा यकीन करता है। को कि बदलते वक्त से साथ चिकित्सा पद्धति, शिक्षा में भी परिवर्तन करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अक्सर गंभीर बीमारी में मरीज की मानसिक स्थिति बदली रहती है वह तनाव में आ जाता है। ऐसे में अगर मानसिक रोग चिकित्सक का परामर्श लिया जाए तो हालात बदल सकते है।
विभाग प्रमुख डा. पीके दलाल ने बताया कि विभाग को सेंटर फार एक्सीलेंस चुना गया है। इसके अलावा नेशनल हेल्थ मिशन की मदद से जल्द ही डिस्ट्रीक अर्ली इंटरवेशन व प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसमें शिशुओं में जन्मजात बीमारियों को पहचान कर इलाज किया जा सके गा। इसमें सभी विभागों के डाक्टरों की टीम कार्य करेंगी।















