लखनऊ। महानगर इलाके में क्लीनिक के चैकीदार को बंधक बनाकर बेखौफ बदमाश कमरे से तिजोरी और दवाईयों की रेक से 40 हजार रुपये पार कर भाग निकले। पीडिघ्त चैकीदार ने किसी तरह खुद को बंधन मुक्त किया और मामले की जानकारी क्लीनिक मालिक को दी। क्लीनिक मालिक चिकित्सक ने बताया कि तिजोरी में 5 लाख रुपये नगद थे। पुलिस ने पीडिघ्त की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पांच लाख रुपयों से भरा कैश ले गये बदमाश –
महानगर के सेक्टर सी निवासी प्रोफेसर रविदेव चिकित्सक हैं। उनकी सी-780 सेक्टर महानगर में क्लिीनिक हैं। पीडिघ्त के अनुसार गुरूवार की रात्रि वह रोजाना की तरह उन्होंने रात्रि करीब 10 बजे क्लीनिक बंद कर दी थी। क्लीनिक के बाहर चैकीदार रामवृक्क्ष तैनात था। चैकीदार के मुताबिक रात्रि तकरीबन 1.30 बजे मोटरसाइकिल सवार दो युवक क्लीनिक पर पहुंच गए। युवकों को देख चैकीदार चैकन्ना हो गया। बदमाशों ने चैकीदार को दबोच लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बदमाशों ने चैकीदार के गमछे से ही उसे बंधक बना लिया। जिसके बाद बदमाशों ने क्लीनिक का ताला तोड़ दिया। बदमाशों ने क्लीनिक में रखी तिजोरी को तोडने का तमाम प्रयास किया, लेकिन तिजोरी नहीं टूटी। इस पर बदमाशों ने क्लीनिक की अन्य अलमारियां खंगालनी शुरू की।
इस दौरान बदमाशों को दवाई की रेक में रखी नकदी मिल गई। बदमाश तिजोरी और रेक में रखी नकदी लेकर भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद चैकीदार ने किसी तरह खुद को बंधन मुक्त किया और तत्काल मामले की जानकारी क्लीनिक मालिक को दे दी। क्लीनिक में पड़ी डकैती की सूचना पाकर मौके पर रविदेव पहुंच गए और उन्होंने 100 न बर डॉयल कर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल की छानबीन करने के बाद अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पीडिघ्त चिकित्सक ने बताया कि तिजोरी में 5 लाख और तिजोरी में तकरीबन 40 हजार रुपये कैश रखा था। जिसे बदमाश पार कर ले गए हैं।
डाग स्क्वायड और फिंगर पहुंचा मौके पर –
राजधानी के पॉश इलाके में पड़ी डकैती की सूचना से पुलिस के आलाधिकारियों के पसीने छूट गए। घटना स्थल पर तमाम पुलिस अधिकारी पहुंच गए। अधिकारियों ने घटना स्थल की छानबीन करने के लिए डाग स्क्वायड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट पहुंच गए। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने घटना स्थल की छानबीन के दौरान कई नमूने जांच के लिए भेजे हैं। वहीं खोजी कुत्ता तफतीश करने के बाद बादशाह नगर की ओर गया और बीच रास्ते में ही रूक गया। पुलिस कयास लगा रही है कि वारदात को अंजाम देकर उसी रास्ते से भागे हैं, जहां खोजी कुत्ता रूक गया था।
फुटेज से की जा रही डकैतों की शिनाख्त –
इंस्पेक्टर महानगर ने बताया कि क्लीनक में कई कैमरे लगे हुए हैं। जिनकी फुटेज निकलवा ली गई है। जिसके जरिए डकैतों की शिना त की जायेगी। उधर पुलिस ने पॉश इलाके के घरों में लगे कैमरों की फुटेज निकलवा रही है। पुलिस का कहना है कि बदमाशों के आने-जाने की फुटेज से सटीक शिना त की जा सकेगी।
शक की सुई टिकी चौकीदार पर –
पुलिस कयास लगा रही है कि वारदात को अंजाम देने वाले ने क्लीनिक की पूरी तौर से रेकी की है। या फिर किसी ने मुखबरी की है। बदमाशों को मालूम था कि तिजोरी में मोटी रकम रखी हुई है। जिसके चलते उन्होंने सबसे पहले तिजोरी को तोडने की कोशिश की थी। इधर दूसरी तरफ चैकीदार पर भी पुलिस की शक की सुई घूम रही है। कयास लगाई जा रही है कि बदमाशों ने जब चौकीदार को बंधक बनाया तो वह चीखा क्यों नहीं, बदमाशों वारदात को अंजाम देते रहे और उसने विरोध तक नहीं किया। इसके अलावा भारी भरकम तिजोरी उठाना दो लोगों के बस की बात नहीं हैं।
करीब एक घण्टें खंगालते रहे क्लीनिक –
बदमाशों ने वारदात को अंजाम बड़ी ही तसल्ली से दिया है। बदमाशों ने रुपयों की तलाश में क्लीनिक का कोना-कोना खंगाला है। तिजोरी तोडने का भी काफी देर तक प्रयास किया है। क्लीनिक की लगभग सभी अलमारियों में रखा सामान अस्त-व्यस्त था। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाश तकरीबन एक से दो घण्टें तक क्लीनिक को खंगालते रहे हैं।