​क्लीनिकल अप्रोच में नया बदलाव: “डायबिटीज 360 डिग्री”

0
34

UPDA का 25वां रजत जयंती महासम्मेलन ‘यूपीडाकॉन-2026’ 9 अक्टूबर से

​लखनऊ। राजधानी में 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक देश भर के ख्यातिप्राप्त चिकित्सकों और शोधकर्ताओं का सबसे बड़ा जमावड़ा लगने जा रहा है। उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन (UPDA) अपनी 25वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर होटल ताज पैलेस में तीन दिवसीय भव्य वार्षिक महासम्मेलन ‘यूपीडाकॉन-2026’ (UPDACON-2026) का आयोजन कर रहा है। विगत ढाई दशकों से मधुमेह की रोकथाम, नियंत्रण और सटीक उपचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही यह संस्था इस रजत जयंती सम्मेलन को चिकित्सा जगत के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बनाने की तैयारी में है।

​क्लीनिकल अप्रोच में नया बदलाव: “डायबिटीज 360 डिग्री”
इस वर्ष महासम्मेलन की मुख्य थीम “डायबिटीज 360 डिग्री: बियॉन्ड नंबर्स, बियॉन्ड टारगेट्स, बियॉन्ड बाउंड्रीज” निर्धारित की गई है। आयोजन समिति के अनुसार, इस थीम का मूल उद्देश्य मधुमेह प्रबंधन के परंपरागत तरीकों में बदलाव लाना है। अब इलाज केवल ब्लड शुगर के अंकों को नियंत्रित करने या सामान्य लक्ष्यों को हासिल करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मरीज के संपूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक कल्याण और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों के 360-डिग्री दृष्टिकोण पर केंद्रित होगा।
​यूपीडाकॉन-2026 के मुख्य आकर्षण:
​600 से अधिक विशेषज्ञ: देश एवं प्रदेश के 600 से अधिक वरिष्ठ चिकित्सकों और चिकित्सा प्रतिनिधियों ने इस महासम्मेलन के लिए अपना पंजीकरण कराया है।
​100 से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय वक्ता: तीन दिनों के वैज्ञानिक मंथन के दौरान 100 से अधिक विषय विशेषज्ञ मधुमेह के आधुनिक अनुसंधानों, नई दवाओं और जटिलताओं के त्वरित प्रबंधन पर अपने विचार रखेंगे।
​100 से अधिक साइंटिफिक रिसर्च पेपर: युवा शोधकर्ताओं और अनुभवी डॉक्टरों द्वारा मधुमेह प्रबंधन के नए आयामों पर 100 से अधिक शोध-पत्र (Abstracts) प्रस्तुत किए जाएंगे।
​वरिष्ठ विशेषज्ञों का वक्तव्य
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव और आयोजन अध्यक्ष (Org. Chairman) डॉ. अनुज माहेश्वरी ने आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि पिछले 25 वर्षों में डायबिटीज के स्वरूप और उसके डॉक्टरी इलाज में क्रांतिकारी परिवर्तन आए हैं। यह सम्मेलन देश भर के चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और नए मानकों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।

​वहीं, साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. नरसिंह वर्मा और आयोजन सचिव (Org. Secretary) डॉ. अभिषेक अरुण ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले इस ‘साइंटिफिक एक्स्ट्रावेगेंजा’ में इंसुलिन थेरेपी, कार्डियो-रीनल (हृदय और किडनी) सुरक्षा, लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन और डायबिटीज ट्रीटमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका जैसे समकालीन विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी।

Previous articlePGI का परचम: स्टैनफोर्ड की शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की वैश्विक सूची में संस्थान के 20 डॉक्टर-वैज्ञानिक शामिल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here